बिहार की राजनीति में सोमवार (23 मार्च) को एक भावुक अध्याय जुड़ गया, जिसने सत्ता की सियासत से ऊपर ‘परिवार’ की अहमियत को दिखाया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान अपने पैतृक गांव शहरबन्नी पहुंचे, जहां उन्होंने अपने दिवंगत चाचा अर्जुन पासवान को श्रद्धांजलि दी।
बड़ी मां के गले लगकर भावुक हुए चिराग
पैतृक आवास पहुंचते ही चिराग पासवान ने अपनी बड़ी मां राजकुमारी देवी के पैर छुए। इस दौरान दोनों भावुक हो गए और चिराग उनकी गोद में सिर रखकर फफक पड़े। यह दृश्य वहां मौजूद लोगों को भी भावुक कर गया।
चाचा पशुपति पारस से मुलाकात
इस दौरान सबसे ज्यादा चर्चा पशुपति कुमार पारस और चिराग पासवान की मुलाकात को लेकर रही। लंबे समय से चल रहे राजनीतिक मतभेदों के बावजूद चिराग ने झुककर चाचा के पैर छुए, जिस पर पारस ने उन्हें आशीर्वाद दिया।
मेरे पापा के चचेरे भाई स्व. अर्जुन पासवान जी के निधन उपरांत आज अपने पैतृक गांव खगड़िया के शहरबन्नी पहुंच उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर शोक संतप्त परिजनों को सांत्वना दी। pic.twitter.com/4Bw6UU7PJt
— युवा बिहारी चिराग पासवान (@iChiragPaswan) March 23, 2026
दोनों नेताओं के बीच करीब 5 मिनट तक बंद कमरे में बातचीत भी हुई। हालांकि बातचीत का विवरण सामने नहीं आया, लेकिन उनके चेहरे के भाव इस बात की ओर इशारा कर रहे थे कि रिश्तों में आई दूरी अब कम हो रही है।
प्रिंस राज से गले मिलकर खत्म किए गिले-शिकवे
पारिवारिक एकता की झलक उस समय और भी साफ नजर आई जब चिराग पासवान ने अपने भाई प्रिंस राज को गले लगाया। दोनों भाई काफी देर तक साथ रहे, जिस दौरान समर्थकों ने जोरदार नारेबाजी भी की।
सियासत में नए समीकरण के संकेत
यह मुलाकात रामविलास पासवान के परिवार के फिर से एकजुट होने के संकेत के रूप में देखी जा रही है। अर्जुन पासवान की शोक सभा में हुए इस मिलन ने बिहार की राजनीति में नई अटकलों को जन्म दे दिया है।
फिलहाल, शहरबन्नी की ये भावुक तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं और राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई हैं।
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