चंडीगढ़ के सेक्टर-37 स्थित भारतीय जनता पार्टी (BJP) मुख्यालय पर हुए ग्रेनेड हमले के मामले में सुरक्षा एजेंसियों को बड़ी सफलता मिली है।
पंजाब पुलिस की क्राइम इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (CIA) ने मोरिंडा क्षेत्र से दो मुख्य संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अमन सिंह उर्फ भोलू और गुरतेज सिंह के रूप में हुई है, जो रत्तनगढ़ गांव के निवासी बताए जा रहे हैं।
‘सुपर किलर’ ग्रेनेड का इस्तेमाल
जांच में सामने आया है कि हमले में इस्तेमाल किया गया ग्रेनेड बेहद खतरनाक श्रेणी का था।
- शुरुआती इनपुट के अनुसार यह
- चीन निर्मित P-86 मॉडल
- या पाकिस्तान का GHD2P हैंड ग्रेनेड हो सकता है
- 5-10 मीटर तक घातक असर
- 25 मीटर तक छर्रों से नुकसान
सुरक्षा एजेंसियों को शक है कि यह ग्रेनेड ड्रोन के जरिए सीमा पार से भारत भेजा गया था।
हमले के बाद ‘स्कूटर प्लान’
1 अप्रैल 2026 को हुए इस हमले में:
- आतंकियों ने करीब 30 फीट दूरी से मुख्य गेट पर ग्रेनेड फेंका
- धमाके से आसपास खड़ी गाड़ियों के शीशे टूट गए
हमले के बाद आरोपी:
- सेक्टर-24 की ओर भागे
- पहले से छिपाकर रखे स्कूटर से फरार हुए
- बाद में बस के जरिए भागने की योजना थी
पूरी घटना CCTV में कैद हुई है, जिससे जांच में अहम सुराग मिले।
BKI ने ली जिम्मेदारी
इस हमले की जिम्मेदारी बब्बर खालसा इंटरनेशनल (BKI) के सुखजिंदर सिंह बब्बर ने ली है।
कई राज्यों में छापेमारी
मामले की गंभीरता को देखते हुए:
- चंडीगढ़ पुलिस की क्राइम ब्रांच और ऑपरेशन सेल
- पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में लगातार छापेमारी कर रही हैं
पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों को फंडिंग और निर्देश कहां से मिल रहे थे।
हाई अलर्ट पर ट्राईसिटी
हमले के बाद पूरे ट्राईसिटी इलाके में हाई अलर्ट जारी कर दिया गया था। यह घटना सुरक्षा एजेंसियों के लिए बड़ी चुनौती बनकर सामने आई है।
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