तेलंगाना में नक्सलवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली है। प्रतिबंधित संगठन CPI (Maoist) की सशस्त्र इकाई People’s Liberation Guerrilla Army (PLGA) के अंतिम सक्रिय कमांडर सोडी केशालू ने अपने 41 साथियों के साथ आत्मसमर्पण कर दिया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य को आधिकारिक तौर पर नक्सलमुक्त घोषित कर दिया गया है।
यह आत्मसमर्पण तेलंगाना पुलिस के सामने हुआ, जहां माओवादियों ने बड़ी मात्रा में हथियार और गोला-बारूद भी सौंपा। सुरक्षा एजेंसियों के अनुसार, जमा कराए गए हथियारों में AK-47 और ASLR राइफल्स सहित कई आधुनिक हथियार शामिल हैं। इसके अलावा करीब 800 ग्राम सोना भी बरामद हुआ है, जिसका इस्तेमाल संगठन के ऑपरेशनल फंड के रूप में किया जाता था।
इनामी कमांडर का सरेंडर
सोडी केशालू लंबे समय से तेलंगाना-छत्तीसगढ़ सीमा क्षेत्र में सक्रिय था और उस पर करीब 20 लाख रुपये का इनाम घोषित था। सुरक्षा एजेंसियों के लिए वह लंबे समय से एक बड़ी चुनौती बना हुआ था।
Telangana is now a Maoist-free state.
A major step towards a safer Telangana. Today, 42 CPI (Maoist) cadres, including key leaders, have surrendered and joined the mainstream along with arms, ammunition and 800 grams gold biscuits. This marks a decisive milestone in our… pic.twitter.com/UmmgqZ67qm
— DGP TELANGANA POLICE (@TelanganaDGP) April 10, 2026
पुलिस ने बताया ऐतिहासिक कदम
तेलंगाना के पुलिस महानिदेशक B Shivadhar Reddy ने इस आत्मसमर्पण को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इतने बड़े स्तर पर माओवादियों के सरेंडर के बाद राज्य में संगठन की संरचना लगभग समाप्त हो चुकी है।
IED और प्रेशर बम हटाने में मिलेगी मदद
डीजीपी ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले माओवादी अब सुरक्षा बलों की मदद करेंगे। उनकी जानकारी के आधार पर उन इलाकों में लगाए गए IED और प्रेशर बमों का पता लगाया जाएगा और उन्हें निष्क्रिय किया जाएगा, जो आम नागरिकों के लिए खतरा बने हुए हैं।
सुरक्षा और विकास को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस बड़ी सफलता के बाद राज्य में सुरक्षा स्थिति और मजबूत होगी तथा प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्यों को तेज गति मिलेगी।
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