लोकसभा में महिला आरक्षण और परिसीमन से जुड़े विधेयकों पर चर्चा के दौरान कांग्रेस नेता Rahul Gandhi के बयान पर बड़ा विवाद खड़ा हो गया। प्रधानमंत्री Narendra Modi को लेकर की गई उनकी टिप्पणी पर सत्ता पक्ष ने कड़ी आपत्ति जताई, जिसके बाद स्पीकर ने उनके आपत्तिजनक शब्दों को सदन की कार्यवाही से हटा दिया।
सदन में हंगामा, स्पीकर की सख्त हिदायत
लोकसभा स्पीकर Om Birla ने Rahul Gandhi को मर्यादा में रहकर बोलने की हिदायत दी। उनके भाषण के दौरान सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार विरोध किया।
रक्षा मंत्री Rajnath Singh और संसदीय कार्य मंत्री Kiren Rijiju ने बयान पर आपत्ति जताते हुए इसे अनुचित बताया। उन्होंने राहुल गांधी से माफी की मांग भी की।
Shame on Rahul Gandhi!
Sick mindset!
Rahul Gandhi mocks Forces’ success in Operation Sindoor; Balakot; & PM MODI’s work for Bharat!
Rahul Gandhi forgets he is speaking in Indian Parliament; not in his favourite nation Pakistan.. pic.twitter.com/yDo3u08bEp
— Pradeep Bhandari(प्रदीप भंडारी)🇮🇳 (@pradip103) April 17, 2026
राहुल गांधी का बयान और आरोप
महिला आरक्षण बिल पर बोलते हुए Rahul Gandhi ने कहा कि यह कानून वास्तविक रूप से महिलाओं को सशक्त नहीं करेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस बिल के जरिए चुनावी नक्शा (डिलिमिटेशन) बदलने की कोशिश कर रही है।
उन्होंने कहा कि विपक्ष महिला आरक्षण के खिलाफ नहीं है, लेकिन मौजूदा स्वरूप में लाए गए विधेयक से सहमत नहीं है। उनका कहना था कि पुराने स्वरूप में बिल लाया जाए तो विपक्ष समर्थन देने को तैयार है।
#WATCH | "The first truth is that this is not a women's bill. This has nothing to do with the empowerment of women. This is an attempt to change the electoral map of India. Actually, it is a shameful act," says LoP, Lok Sabha, Rahul Gandhi, during special session of Parliament on… https://t.co/Eof09Sv0wq pic.twitter.com/0TnpXktC1e
— ANI (@ANI) April 17, 2026
OBC और दलित मुद्दों का जिक्र
अपने भाषण में राहुल गांधी ने यह भी कहा कि यह बिल OBC और दलित वर्गों के हितों के खिलाफ है। उन्होंने दावा किया कि इस विधेयक का असर इन वर्गों पर पड़ेगा और इसे लेकर व्यापक चर्चा की जरूरत है।
सरकार का रुख
सरकार का कहना है कि महिला आरक्षण विधेयक देश की आधी आबादी को सशक्त बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम है। केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि परिसीमन की प्रक्रिया निर्धारित नियमों के तहत होगी।
राजनीतिक माहौल गरम
इस पूरे घटनाक्रम के बाद लोकसभा में राजनीतिक माहौल गरमा गया है। महिला आरक्षण बिल और परिसीमन को लेकर सरकार और विपक्ष आमने-सामने हैं।
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