आंध्र प्रदेश के बनगनपल्ले से बाल उत्पीड़न का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जिसने पूरे इलाके में आक्रोश फैला दिया है। यहां एक मदरसे के कर्मचारियों पर 11 वर्षीय बच्चे को जंजीरों में जकड़कर लकड़ी के गट्ठे से बांधने का आरोप लगा है।
यह मामला तब सामने आया जब सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ, जिसमें बच्चा सड़क पर रोते हुए लकड़ी का गट्ठा घसीटता नजर आया। स्थानीय लोगों ने बच्चे को इस हालत में देखा तो तुरंत उसे बचाया और पुलिस को सूचना दी।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि बच्चे को “अनुशासन सिखाने” के नाम पर यह अमानवीय सजा दी गई थी। बनगनपल्ले के सब-इंस्पेक्टर दुग्गी रेड्डी ने कहा कि बच्चे के पैरों में जंजीर डालकर उसे लकड़ी से बांधना पूरी तरह गैरकानूनी और अमानवीय है।
जांच में यह भी सामने आया कि बच्चे के माता-पिता का हाल ही में अलगाव हुआ था और वह अपनी मां के साथ रह रहा था। आरोप है कि मदरसे के कर्मचारियों ने कथित तौर पर बच्चे की मां के कहने पर यह कदम उठाया।
इस घटना के बाद इलाके में लोगों में भारी नाराजगी है। स्थानीय लोगों ने इसे बेहद क्रूर और शर्मनाक बताया। बाल कल्याण अधिकारियों ने मामले में हस्तक्षेप करते हुए बच्चे को चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (CWC) के समक्ष पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है, ताकि उसकी सुरक्षा और देखभाल सुनिश्चित की जा सके।
पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और जांच जारी है। अधिकारियों का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त धाराएं भी लगाई जाएंगी।
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