बिहार के दरभंगा में दलित समाज 10 लड़कों ने 16 साल की एक नाबालिग युवती के साथ गैंगरेप किया। लड़की जब बेहोश हो गई तो आरोपित उसे नंग-धड़ंग छोड़कर भाग निकले। आरोपितों ने बलात्कार का वीडियो भी बनाया और पीड़िता से कहा कि जब भी बुलाया जाएगा तो उसे आना पड़ेगा। शिकायत करने पर पीड़िता के परिवार को SC-ST Act में फँसाने की धमकी भी दी। पुलिस ने 2 आरोपितों को पकड़ा है।
यह मामला दरभंगा के बहेड़ा थाना क्षेत्र के एक गाँव की है। पीड़िता ने 25 मार्च 2025 को गाँव के चौकीदार के बेटे दुर्गेश पासवान को मुख्य आरोपित बनाते हुए कुल 10 लोगों के खिलाफ गैंगरेप की FIR दर्ज कराई। प्राथमिकी में लड़की की माँ ने बताया कि यह घटना 15 मार्च की शाम की है। मामले में 10 दिन बाद रिपोर्ट दर्ज कराने को लेकर पीड़िता की माँ ने कहा कि आरोपितों ने शिकायत करने पर हरिजन एक्ट में फँसाने की धमकी दी थी।
FIR के अनुसार, पीड़िता 15 मार्च की देर शाम को शौच के लिए गई थी। उसी दौरान चौकीदार का बेटा दुर्गेश पासवान मिला। उसने लड़की को बहलाकर धोबीया गाछी में ले गया। वहाँ सुमित पासवान, दिलखुश पासवान, सचित पासवान, अमित पासवान, अंकुश पासवान, सुजीत पासवान, विशाल पासवान, राघव पासवान और अंकित पासवान मौजूद थे। वे सभी नशे में थे।
आरोपितों ने पीड़िता का बारी-बारी से रेप किया। जब लड़की देर रात तक घर नहीं लौटी तो घर वालों ने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। पीड़िता की माँ ने बताया कि उसकी बेटी पासवान टोला के पास बेहोशी हालत में मिली। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, घटना के दौरान जब पीड़िता बेहोश हो गई तो आरोपितों ने उसे जख्मी और नंगी हालत में छोड़कर वहाँ से भाग निकले।
पीड़िता की माँ का कहना है कि बेटी को घर लाया गया। जब वह होश में आई तो उसने घटना की जानकारी दी। पीड़िता ने बताया कि आरोपितों ने उसका अश्लील वीडियो भी बनाया है और धमकी दी थी कि अगर शिकायत की तो पूरे परिवार को एसटी-एससी एक्ट में फँसा दिया जाएगा। परिजनों का कहना है कि वे लोक-लाज और हरिजन एक्ट के डर से चुप्पी साध ली।
इस बीच आरोपित लड़की को वीडियो कॉल करके धमकी देते कि उसे जब भी बुलाया जाएगा तो उसे आना पड़ेगा। वे कहते कि अगर नहीं आई तो वे उसकी अश्लील वीडियो वायरल कर देंगे। धीरे-धीरे यह बात गाँव के लोगों को पता चल गई। मामला खुल जाने के बाद आखिरकार पीड़िता के परिजनों ने थाने में दुर्गेश पासवान सहित 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कराया।
बेहड़ा थाना के SHO चंद्रकांत गौरी ने बताया कि पीड़िता का मेडिकल कराया गया है। पीड़िता की माँ की शिकायत के बाद पुलिस टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया। वहाँ पर खून के धब्बे भी मिले हैं। एसपी ग्रामीण आलोक कुमार ने कहा कि इस मामले में साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। फिलहाल दुर्गेश पासवान और सुमित पासवान को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, बाकी 8 आरोपितोें के लिए छापेमारी की जा रही है।
वहीं, मुख्य आरोपित दुर्गेश पासवान के परिजनों ने गैंगरेप के आरोपों से इनकार किया है। उनका कहना है कि आरोप लगाने वाले शराब का काम करते हैं और दुर्गेश के चौकीदार पिता ने इसकी शिकायत कर दी थी। इससे नाराज होकर लड़की का परिवार उसे फँसा रहा है। उनका दावा है कि होली के दिन हुई इस घटना के दिन दुर्गेश गाँव में नहीं था।