बिहार में हुए चर्चित चंदन मिश्रा हत्याकांड में बड़ी कार्रवाई सामने आई है। सूत्रों के मुताबिक, इस मामले में शामिल पांच आरोपियों को पश्चिम बंगाल से गिरफ्तार किया गया है। हालांकि पुलिस अधिकारियों ने अभी आधिकारिक रूप से इन गिरफ्तारियों की पुष्टि नहीं की है। बताया जा रहा है कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों से पुलिस फिलहाल उसी स्थान पर पूछताछ कर रही है।
इस हत्याकांड की साजिश जेल में बंद कुख्यात गैंगस्टर शेरु सिंह ने रची थी। उसने चंदन मिश्रा की हत्या के लिए 10 लाख रुपये की सुपारी दी थी। घटना के बाद मुख्य आरोपी तौसीफ उर्फ बादशाह अपने पटना स्थित फुलवारी शरीफ के घर गया और फिर अपने परिवार (मां, बहन, पिता) को लेकर गया चला गया। इसके बाद वह सबको गया में छोड़कर पश्चिम बंगाल चला गया था। पुलिस ने तौसीफ के परिजनों से भी पूछताछ की है। साथ ही शूटरों को शरण देने वालों, बाइक और हथियार उपलब्ध कराने वालों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
पटना : चंदन मिश्रा हत्याकांड की तीन तस्वीरें सामने आई है.
पहली तस्वीर में आरोपी हत्या की प्लानिंग करते नजर आ रहे हैं, वहीं दूसरी तस्वीर में पारस अस्पताल में घटना को अंजाम देते दिख रहे हैं और तीसरी तस्वीर में हत्या के बाद बाइक से भागते और हाथ में पिस्तौल लहराते नजर आ रहे हैं.… pic.twitter.com/CUnG21cwYF
— One India News (@oneindianewscom) July 18, 2025
हत्या से पहले दो शूटर चंदन मिश्रा से मिलने बक्सर के सोनबरसा स्थित उनके गांव भी गए थे। पुलिस ने शेरु से पुरुलिया जेल में पूछताछ की है। चंदन के परिजनों का दावा है कि शेरु ने पैरोल पर आने के बाद दो बार चंदन से बातचीत की थी।
इस हत्याकांड में तौसीफ उर्फ बादशाह के अलावा मन्नू (बक्सर के बेलाउर से), सूरजभान, और बलवंत सिंह उर्फ भिंडी (बक्सर के लीलाधरपुर से) शामिल हैं। एक शूटर की पहचान अभी बाकी है। इन सभी ने मिलकर अस्पताल में घुसकर चंदन मिश्रा पर गोलीबारी की थी, जिसमें दुर्गेश पाठक को भी छर्रे लगे, जबकि कृष्णकांत पांडे जान बचाने के लिए बाथरूम में छिप गए थे।
सबसे चौंकाने वाली बात यह सामने आई है कि मुख्य शूटर तौसीफ ने हत्या का वीडियो भी रिकॉर्ड किया था। सीसीटीवी फुटेज से यह भी पता चला है कि कुल छह शूटर अस्पताल में पहुंचे थे, जिनमें से पांच अंदर गए और एक बाहर खड़ा रहा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी हथियार लहराते हुए मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले को लेकर कल रात बिहार के डीजीपी ने भी एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की थी। पुलिस की आगे की जांच जारी है।