9 अगस्त 2025 को इस बार भारत दो महत्वपूर्ण अवसरों का साक्षी बनने जा रहा है — एक ओर भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक रक्षाबंधन, और दूसरी ओर आजादी की लड़ाई की ऐतिहासिक विरासत ‘भारत छोड़ो आंदोलन’ की वर्षगांठ। इस अद्वितीय संयोग को देखते हुए कन्फेडरेशन ऑफ ऑल इंडिया ट्रेडर्स (CAIT) ने इसे ‘राष्ट्रभक्ति राखी उत्सव’ के रूप में मनाने का आह्वान किया है। व्यापारी वर्ग इस पर्व को न केवल पारंपरिक रिश्तों की डोर से जोड़ रहा है, बल्कि देशभक्ति, आत्मनिर्भरता और स्वदेशी व्यापार की भावना से भी प्रेरित कर रहा है।
इस बार व्यापारियों ने बड़े पैमाने पर तैयारियां शुरू कर दी हैं। अनुमान है कि राखी से संबंधित लगभग ₹17,000 करोड़ का व्यापार हो सकता है, वहीं मिठाई, ड्राई फ्रूट्स, गिफ्ट हैम्पर्स, सजावटी सामग्री, परिधान, सौंदर्य प्रसाधन व पूजा सामग्री समेत अन्य चीजों में अतिरिक्त ₹4,000 करोड़ का कारोबार होने की संभावना है।
चीन से आने वाली राखियों की मांग पूरी तरह खत्म हो गई है और देशभर में स्वदेशी राखियों की खरीदारी को बढ़ावा दिया जा रहा है। बाजारों में इस बार इको-फ्रेंडली राखियां, वोकल फॉर लोकल थीम, तिरंगे रंगों वाली राखियां, डिजिटल QR कोड, वीडियो मैसेज और कस्टमाइज़्ड राखियों की भारी मांग है। साथ ही, भारत के विभिन्न शहरों की पारंपरिक और सांस्कृतिक झलक लिए विशेष राखियां जैसे नागपुर की खादी, बिहार की मधुबनी, असम की चाय-पत्ती, केरल की खजूर, झारखंड की बांस राखी आदि बाजार में आ चुकी हैं।
कैट ने यह भी घोषणा की है कि देशभर की महिला उद्यमी भारतीय सैनिकों को राखियां भेजेंगी, ताकि उन्हें यह एहसास हो सके कि पूरा देश उनके साथ है। इन राखियों की खेप रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह को सौंपे जाने की योजना है।
इस साल रक्षाबंधन का पर्व प्रातः से दोपहर 1:38 बजे तक भद्रा रहित और श्रवण नक्षत्र युक्त शुभ समय में मनाया जाएगा। दिलचस्प बात यह भी है कि केवल 7% राखी व्यापार ऑनलाइन होगा, जबकि शेष व्यापार लोग खुद बाजार जाकर करेंगे — यह दर्शाता है कि भावनात्मक जुड़ाव वाले त्योहारों में अब भी लोग ऑफलाइन खरीदारी को प्राथमिकता देते हैं।
प्रवीन खंडेलवाल के अनुसार, रक्षाबंधन अब केवल एक पारिवारिक त्यौहार नहीं रहा, बल्कि यह आत्मनिर्भर भारत, देशभक्ति और व्यापारिक समृद्धि का प्रतीक बनता जा रहा है। व्यापारी वर्ग इसे एक सांस्कृतिक और आर्थिक अवसर के रूप में देख रहा है और पूरे देश में इसे उत्साहपूर्वक मनाने की तैयारियों में जुटा है।