केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने ट्वीट कर जानकारी दी कि सरकार ने अपने टैक्स रेवेन्यू पर बड़ा बोझ उठाया है ताकि पेट्रोल और डीज़ल पर तेल कंपनियों को हो रहे भारी नुकसान को कम किया जा सके। वर्तमान में पेट्रोल पर लगभग 24 रुपये/लीटर और डीज़ल पर 30 रुपये/लीटर का नुकसान हो रहा है, जबकि अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतें पिछले महीने 70 डॉलर/बैरल से बढ़कर 122 डॉलर/बैरल तक पहुँच गई हैं।
सरकार ने इस निर्णय के तहत एक्सपोर्ट टैक्स भी लागू किया है। अब कोई भी रिफाइनरी जो अन्य देशों को पेट्रोल या डीज़ल एक्सपोर्ट करेगी, उसे टैक्स देना होगा। यह फैसला भारत के नागरिकों को अंतरराष्ट्रीय तेल की बढ़ती कीमतों से बचाने के लिए लिया गया है।
International crude prices have gone through the roof in the last 1 month from around 70 dollars/barrel to around 122 dollars/barrel. Consequently, petrol and diesel prices for consumers have gone up all over the world. Prices have increased by around 30%-50% in South East Asian…
— Hardeep Singh Puri (@HardeepSPuri) March 27, 2026
हरदीप सिंह पुरी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण के साहसी और दूरदर्शी निर्णय के लिए आभार व्यक्त किया। इस कदम से भारत में पेट्रोल और डीज़ल की कीमतों पर तुरंत असर नहीं पड़ेगा, और आम जनता को महंगाई के प्रभाव से राहत मिलेगी।
विशेषज्ञों का कहना है कि मोदी सरकार ने रूस-यूक्रेन संघर्ष के बाद लगातार यह रणनीति अपनाई है, जिससे नागरिकों के हितों की रक्षा हो सके।
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