दिल्ली कैबिनेट की अहम बैठक में प्रदूषण को नियंत्रित करने और बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए हैं। सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पर्यावरण से खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ अब किसी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी। इन फैसलों का मकसद राजधानी में स्वच्छ हवा, बेहतर परिवहन व्यवस्था और टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करना है।
अब बसों पर सिर्फ DTC का संचालन
दिल्ली सरकार के पर्यावरण मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि अब दिल्ली में बस संचालन पूरी तरह दिल्ली परिवहन निगम (DTC) के हाथ में होगा। इससे पहले दिल्ली के अंदर 50 प्रतिशत बसें DIMTS (Delhi Integrated Multi-Modal Transit System) द्वारा संचालित की जा रही थीं, लेकिन अब इस व्यवस्था को खत्म कर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि 100 प्रतिशत बसें DTC द्वारा संचालित होने से रूट रेशनलाइजेशन यानी मार्गों के बेहतर प्रबंधन में आसानी होगी।
#WATCH | Delhi: Delhi Environment Minister Manjinder Singh Sirsa says, "… All the PUCC (Pollution Under Control Certificates) will be verified, and strict action will be taken against those found to be fraudulent… CM Rekha Gupta has also sanctioned four new automatic testing… pic.twitter.com/FqUrYDg0MT
— ANI (@ANI) December 23, 2025
होलंबी कलां में बनेगा हाईटेक ई-वेस्ट प्लांट
इलेक्ट्रॉनिक कचरे के बेहतर प्रबंधन के लिए दिल्ली सरकार ने होलंबी कलां में एक बड़े ई-वेस्ट प्लांट की योजना को मंजूरी दी है। यह प्लांट करीब 11.5 एकड़ क्षेत्र में फैला होगा। इसकी खास बात यह है कि यह ‘जीरो वॉटर वेस्टेज’ के सिद्धांत पर काम करेगा, यानी इसमें पानी की बर्बादी नहीं होगी।
जल निकायों के कायाकल्प के लिए 100 करोड़ रुपये
पर्यावरण मंत्री ने बताया कि दिल्ली में 1,000 से अधिक जल निकाय मौजूद हैं, जिनमें से 160 दिल्ली सरकार के अधीन हैं। इन 160 जल निकायों के पुनर्जीवन के लिए सरकार ने 100 करोड़ रुपये के बजट को मंजूरी दी है। सरकार का कहना है कि जल निकायों को नया जीवन देने के लिए फंड की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी।
PUCC अनिवार्य, पेट्रोल पर सख्ती
सरकार ने प्रदूषण को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए कहा है कि GRAP हटने के बाद भी बिना वैध PUCC (Pollution Under Control Certificate) के किसी वाहन को पेट्रोल नहीं मिलेगा। जांच के दौरान 12 PUCC सेंटरों में अनियमितताएं पाई गईं, जिसके बाद उन्हें सस्पेंड कर दिया गया है।
प्रदूषण फैलाने वाली इंडस्ट्रीज पर कार्रवाई
दिल्ली में प्रदूषण फैलाने वाली 800 से अधिक इंडस्ट्रीज के खिलाफ कार्रवाई की गई है। दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति (DPCC) ने 411 उद्योगों को क्लोजर नोटिस जारी किए हैं, जबकि नगर निगम (MCD) ने करीब 400 उद्योगों को सील कर दिया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कदम आगे भी जारी रहेंगे।
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