लालकिला कार धमाका मामले में बड़ा खुलासा हुआ है। जाँच एजेंसियों ने फरीदाबाद से गिरफ्तार महिला डॉक्टर शाहीन से पूछताछ में कई चौंकाने वाले तथ्य उजागर किए हैं। शाहीन ने कबूल किया है कि वह पिछले दो साल से विस्फोटक सामग्री जमा कर रही थी और अपने साथियों के साथ एक बड़े आतंकी हमले की साजिश रच रही थी।
शाहीन और उसके साथियों की साजिश
डॉक्टर शाहीन ने पूछताछ में बताया कि उसकी डॉक्टर उमर से नियमित मुलाकात होती थी। उमर लगातार यह कहता था कि “भारत में कई बड़े हमले किए जाएंगे।” शाहीन ने खुलासा किया कि वह डॉक्टर उमर, सहारनपुर से गिरफ्तार डॉक्टर आदिल और फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल के साथ मिलकर अमोनियम नाइट्रेट और अन्य विस्फोटक पदार्थ इकट्ठा कर रही थी।
एजेंसियों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के इशारों पर काम कर रहा था। शाहीन खुद जैश-ए-मोहम्मद की सक्रिय सदस्य है और भारत में महिला विंग “जमात उल मोमीनात” के गठन की जिम्मेदारी उसी को सौंपी गई थी। वह इसके लिए महिलाओं की भर्ती (रिक्रूटमेंट) का काम भी देख रही थी।
🚨 #BREAKING : दिल्ली ब्लास्ट में गिरफ्तार डॉ. शाहीन ने कबूला:* दो साल से विस्फोटक इकट्ठा कर रही थी; देशभर में धमाकों की साजिश रची ll#RedFort #Delhicarblast #Delhiattack pic.twitter.com/LeAB4RQYFH
— Rajkumar Rajput (@iamrkrajput) November 12, 2025
आतंकियों के आपसी संबंध
जाँच में यह भी सामने आया है कि डॉक्टर शाहीन, फरीदाबाद से गिरफ्तार डॉक्टर मुजम्मिल शकील की गर्लफ्रेंड है। दोनों को जम्मू-कश्मीर पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इनके बीच लगातार संपर्क था और ये सभी आतंकी गतिविधियों के लिए वित्तीय और लॉजिस्टिक सपोर्ट जुटा रहे थे।
जमात उल मोमीनात और जैश ए मोहम्मद का नेटवर्क
जानकारी के अनुसार, जमात उल मोमीनात का गठन पाकिस्तान में किया गया था, और इसकी कमान जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर के पास है। इस महिला शाखा की प्रमुख सादिया अजहर, मसूद अजहर की बहन है। एजेंसियों का कहना है कि भारत में इस संगठन की शाखा सक्रिय करने की जिम्मेदारी डॉक्टर शाहीन को दी गई थी।
धमाके और बरामदगी का विवरण
दिल्ली के लालकिले के पास मेट्रो स्टेशन के गेट नंबर 1 के बाहर हुए कार विस्फोट में अब तक 10 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 24 लोग घायल बताए जा रहे हैं। विस्फोट की जांच में शुरुआती तौर पर यह सामने आया है कि इसमें अमोनियम नाइट्रेट का इस्तेमाल किया गया था।
इस हमले के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने कई जगहों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान फरीदाबाद में डॉक्टर मुजम्मिल के एक कमरे से 360 किलो विस्फोटक सामग्री, और दूसरे कमरे से 2900 किलो अमोनियम नाइट्रेट बरामद हुआ। एजेंसियों को संदेह है कि लालकिला कार धमाके में इन्हीं विस्फोटकों का इस्तेमाल किया गया था।
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