दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ (DU Students’ Union) चुनाव 2025 के नतीजे आ चुके हैं, जिनमें एबीवीपी और एनएसयूआई के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली। इस बार चुनाव प्रक्रिया में केंद्रीय पैनल के लिए ईवीएम का उपयोग किया गया और कॉलेज स्तर पर बैलेट पेपर से वोट डाले गए। डूसू अध्यक्ष पद के प्रमुख उम्मीदवारों में एबीवीपी के आर्यन मान, एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी और वामपंथी गठबंधन (एसएफआई और आइसा) की अंजलि शामिल थीं। अंततः अध्यक्ष पद पर एबीवीपी के आर्यन मान ने शानदार बढ़त बनाते हुए जीत हासिल की, उन्हें 26,642 वोट मिले, जबकि एनएसयूआई की जोसलिन नंदिता चौधरी को 10,814 वोट मिले, जिससे आर्यन मान की बढ़त 15,828 वोट रही। इस प्रकार एबीवीपी ने अध्यक्ष पद पर पिछली बार एनएसयूआई की जीत के बाद इस बार पुनः कब्जा जमा लिया।
उपाध्यक्ष पद पर एनएसयूआई के राहुल झांसला ने एबीवीपी के गोविंद तंवर को पछाड़ते हुए 27,182 वोटों के साथ जीत दर्ज की, जबकि गोविंद तंवर को 19,145 वोट ही मिले। सचिव पद पर एबीवीपी के कुणाल चौधरी ने एनएसयूआई के कबीर को 21,944 वोटों से 14,987 वोटों की बढ़त से हराया। संयुक्त सचिव पद पर भी एबीवीपी की दीपिका झा ने एनएसयूआई के लवकुश भड़ाना को 20,254 वोटों के साथ 15,970 वोटों से पीछे छोड़ दिया।
इस प्रकार कुल मिलाकर एबीवीपी ने डूसू 2025 में तीन प्रमुख सीटों—अध्यक्ष, सचिव और संयुक्त सचिव—पर बाजी मारी, जबकि एनएसयूआई को केवल उपाध्यक्ष पद पर सफलता मिली। पिछली बार अध्यक्ष पद पर एनएसयूआई ने जीत हासिल की थी, लेकिन इस बार एबीवीपी ने वापसी करते हुए अध्यक्ष पद पर जीत दर्ज की। कुल मिलाकर नतीजे दर्शाते हैं कि छात्र राजनीति में एबीवीपी की पकड़ मजबूत हो रही है, खासकर प्रमुख पदों पर उनकी विजय ने पार्टी की मजबूती को प्रमाणित किया है।
इस चुनाव में 19 राउंड की काउंटिंग पूरी हुई और हर राउंड में मतगणना अपडेट से यह साफ हुआ कि एबीवीपी ने तीन सीटों पर स्पष्ट बढ़त बनाए रखी, जबकि एनएसयूआई केवल उपाध्यक्ष पद पर आगे रही। छात्रों और विश्वविद्यालय समुदाय के लिए यह चुनाव बहुत अहम रहा, क्योंकि यह भविष्य की छात्र राजनीति और प्रशासनिक नेतृत्व की दिशा तय करता है।
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