दिल्ली में हुए बम धमाके के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे देश में हाई अलर्ट जारी कर दिया है। इस खतरे को ध्यान में रखते हुए संवेदनशील इलाकों, भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों और मिश्रित आबादी वाली जगहों पर निगरानी बढ़ा दी गई है। आगरा पुलिस भी विशेष एहतियात बरत रही है, जिसके तहत शहर की मस्जिदों में आने वाले जमात के लोगों और कश्मीर से शालगर्म कपड़े बेचने आने वाले व्यापारियों पर नजर रखने के निर्देश जारी किए गए हैं।
मस्जिदों और जमात के लिए नए निर्देशों के मुताबिक, पुलिस ने शहर के इमामों से कहा है कि उनके यहाँ ठहरने वाले जमात के सदस्यों की जानकारी नजदीकी थाने को देना अनिवार्य होगा। साथ ही जमात के लोग और कश्मीरी व्यापारी अपने-अपने जिले से चरित्र सत्यापन प्रमाण पत्र (कैरेक्टर वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट) लेकर आएँ। इसके अलावा, जो लोग इन्हें कमरे किराए पर देते हैं, उन्हें भी इसकी जानकारी पुलिस को देनी होगी।
शुक्रवार (14 नवंबर 2025) को मंटोला में ऑल इंडिया जमीयतुल कुरैश की बैठक आयोजित हुई, जहाँ संगठन ने इन निर्देशों पर आपत्ति जताई। जिलाध्यक्ष अदनान कुरैशी ने कहा कि जमात का काम केवल इस्लामी शिक्षा देना और नमाज़-रोज़ा से जुड़ी सीख बताना है। उनका किसी भी राजनीतिक या संदिग्ध गतिविधि से कोई संबंध नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि जमात कई दशकों से शांतिपूर्वक कार्य करती आ रही है।
इस बीच पुलिस ने अपना पक्ष भी स्पष्ट किया है। इंस्पेक्टर मंटोला देवकरन सिंह के अनुसार, यह जानकारी केवल सुरक्षा कारणों से मांगी जा रही है ताकि किसी भी व्यक्ति की पहचान और उसकी गतिविधियों का समय पर सत्यापन किया जा सके। पुलिस का कहना है कि इन कदमों का उद्देश्य केवल एहतियात और सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel