नई दिल्ली में नरेंद्र मोदी और मार्क कार्नी की मौजूदगी में भारत और कनाडा के बीच कई अहम समझौतों (MoU) पर हस्ताक्षर किए गए। ये समझौते क्रिटिकल मिनरल्स, रिन्यूएबल एनर्जी, टेक्नोलॉजी, सांस्कृतिक सहयोग और आर्थिक साझेदारी जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करेंगे।
इस दौरान एस. जयशंकर और कनाडा की विदेश मंत्री अनीता आनंद ने दोनों देशों के बीच तीन प्रमुख MoU के दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
ट्रेड को 2030 तक 50 बिलियन डॉलर तक ले जाने का लक्ष्य
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि भारत और कनाडा लोकतांत्रिक मूल्यों में गहरा विश्वास रखते हैं और दोनों देश विविधता का सम्मान करते हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों ने 2030 तक द्विपक्षीय व्यापार को 50 बिलियन डॉलर तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है।
उन्होंने बताया कि व्यापक आर्थिक सहयोग को बढ़ाने के लिए जल्द ही Comprehensive Economic Partnership Agreement (CEPA) को अंतिम रूप देने पर सहमति बनी है।
टेक्नोलॉजी और इनोवेशन में भी बढ़ेगा सहयोग
भारत, कनाडा और ऑस्ट्रेलिया के बीच टेक्नोलॉजी और इनोवेशन के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौते हुए। इस दौरान कनाडा के इंटरनेशनल ट्रेड मिनिस्टर मनिंदर सिद्धू और केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने संबंधित दस्तावेजों का आदान-प्रदान किया।
Addressing the joint press meet with PM Mark Carney of Canada.@MarkJCarney https://t.co/p0PVHPlw0k
— Narendra Modi (@narendramodi) March 2, 2026
मोदी ने कहा कि दोनों देश AI, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सुपरकंप्यूटिंग और सेमीकंडक्टर जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएंगे।
ऊर्जा और यूरेनियम सप्लाई पर बड़ी डील
दोनों देशों के बीच सिविल न्यूक्लियर एनर्जी में भी अहम समझौता हुआ है। कनाडा की कंपनी Cameco और भारत के परमाणु ऊर्जा विभाग के बीच यूरेनियम ओर कंसन्ट्रेट की सप्लाई को लेकर डील हुई।
इसके साथ ही कनाडा ने International Solar Alliance और Global Biofuel Alliance में शामिल होने का फैसला किया है।
डिफेंस और इंडो-पैसिफिक सहयोग पर भी सहमति
प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रक्षा और सुरक्षा क्षेत्र में बढ़ता सहयोग दोनों देशों के बीच गहरे भरोसे का प्रतीक है। दोनों देशों ने India-Canada Defense Dialogue शुरू करने का फैसला किया है।
मोदी ने कहा कि कनाडा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत का अहम साझेदार है और समुद्री सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।
शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग भी बढ़ेगा
दोनों देशों ने शिक्षा, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर और इनोवेशन में विश्वविद्यालयों के बीच नई साझेदारी की घोषणा की। साथ ही कनाडा की यूनिवर्सिटीज़ के भारत में कैंपस खोलने पर भी सहमति बनी है।
सांस्कृतिक आदान-प्रदान को बढ़ावा देने के लिए दोनों देशों के बीच एक सांस्कृतिक MoU पर भी हस्ताक्षर किए गए।
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