महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना (UBT) के कई सांसदों के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के संपर्क में होने की खबरों के बीच बीजेपी विधायक आशीषराव देशमुख के एक बयान ने राजनीतिक चर्चाओं को और गर्म कर दिया है। देशमुख ने दावा किया है कि शिवसेना (UBT) के वरिष्ठ नेता संजय राउत उद्धव ठाकरे की पार्टी और शरद पवार के नेतृत्व वाले राजनीतिक समूह को कांग्रेस में विलय कराने की दिशा में काम कर रहे हैं।
हालांकि इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बयान के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में नए समीकरणों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
कांग्रेस में विलय को लेकर बीजेपी विधायक का दावा
बीजेपी विधायक आशीषराव देशमुख ने दावा किया कि उन्हें ऐसी जानकारी मिली है कि संजय राउत चाहते हैं कि शिवसेना (UBT) के सभी विधायक और सांसद कांग्रेस में शामिल हो जाएं।
उन्होंने कहा कि कथित प्रस्ताव के तहत शरद पवार को राज्यसभा में विपक्ष का नेता बनाया जा सकता है, जबकि उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र कांग्रेस की कमान सौंपी जा सकती है। देशमुख ने आरोप लगाया कि इस दिशा में अंदरूनी स्तर पर प्रयास किए जा रहे हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि इसी तरह की राजनीतिक गतिविधियों से परेशान होकर पार्टी के कुछ सांसद दिल्ली पहुंचे हैं और विभिन्न स्तरों पर बातचीत कर रहे हैं।
#WATCH | Nagpur, Maharashtra | BJP MLA Ashishrao Deshmukh says, "I have heard that Sanjay Raut wants all UBT MLAs and MPs to merge with Congress. With this, Sharad Pawar will be appointed the Leader of the Opposition in the Rajya Sabha, and Uddhav Thackeray will be appointed… pic.twitter.com/uY7nQTYBjS
— ANI (@ANI) June 17, 2026
संजय राउत का पलटवार, लगाया करोड़ों के ऑफर का आरोप
दूसरी ओर, शिवसेना (UBT) सांसद संजय राउत ने बड़ा आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी के सांसदों को पाला बदलने के लिए भारी रकम की पेशकश की जा रही है।
राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए दावा किया कि कुछ सांसदों को कथित तौर पर 15-15 करोड़ रुपये का ऑफर दिया गया है। उन्होंने इसे लोकतंत्र और राजनीतिक नैतिकता के खिलाफ बताया।
राउत ने कहा कि राजनीतिक दलों को तोड़ने और निर्वाचित प्रतिनिधियों को प्रभावित करने की कोशिशें लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती हैं।
Apna Sapna Money Money!
No no — Mahua ji,the Minimum Support Price is fixed at ₹50 crore per MP.(पचास खोके)
₹15 crore is just the advance.
Frankly, these people aren’t even worth ₹50,000.
Their price has only gone up because of the Shiv Sena and TMC brand label. https://t.co/Srzjgg4DkX
— Sanjay Raut (@rautsanjay61) June 17, 2026
लोकसभा स्पीकर को लिखा गया पत्र
पार्टी में संभावित टूट की अटकलों के बीच शिवसेना (UBT) ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण मांग की है। पत्र में कहा गया है कि यदि कोई सांसद अलग गुट बनाने या किसी अन्य दल में शामिल होने का दावा करता है, तो उसे मान्यता न दी जाए।
पार्टी ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि शिवसेना (UBT) एक वैध राजनीतिक दल है और संसद में उसके सांसद उसी राजनीतिक पहचान के आधार पर निर्वाचित हुए हैं। ऐसे में अलग-अलग समूह बनाकर मूल पार्टी का प्रतिनिधित्व करने का दावा स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए।
9 सांसदों में से 6 के संपर्क में होने की चर्चा
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि लोकसभा में शिवसेना (UBT) के कुल 9 सांसदों में से 6 सांसद कथित रूप से एकनाथ शिंदे गुट के संपर्क में हैं। रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कुछ सांसद दिल्ली पहुंचे हैं और राजनीतिक विकल्पों पर विचार-विमर्श कर रहे हैं।
हालांकि पार्टी के सांसद राजाभाऊ वाजे और संजय पाटिल ने सार्वजनिक रूप से इन अटकलों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि वे शिवसेना (UBT) के साथ हैं और पार्टी छोड़ने की कोई योजना नहीं है।
महाराष्ट्र की राजनीति पर नजर
शिवसेना के विभाजन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति पहले से ही कई बड़े बदलावों की गवाह रही है। ऐसे में UBT के सांसदों को लेकर सामने आ रही खबरों ने राज्य के राजनीतिक समीकरणों को लेकर नई चर्चाओं को जन्म दे दिया है।
आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि ये केवल राजनीतिक अटकलें हैं या फिर महाराष्ट्र में एक और बड़ा राजनीतिक पुनर्गठन देखने को मिलेगा।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel