गुजरात के बोटाद जिले के हद्दाद गाँव में बिना अनुमति के आयोजित एक महापंचायत के दौरान हुई हिंसक घटना के सिलसिले में आम आदमी पार्टी (AAP) के दो वरिष्ठ नेताओं, प्रवीण राम और राजू करपड़ा, को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना उस समय हुई जब दोनों नेता गुरुवार, 16 अक्टूबर 2025 को अहमदाबाद पहुँचे और आमरण अनशन का नाटक करने वाले थे, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने दोनों को रोक लिया और हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उनके खिलाफ बोटाद में दर्ज एफआईआर के तहत कार्रवाई की है। इस हिंसा की घटना में कुल 85 लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, जिसमें प्रवीण राम और राजू करपड़ा का नाम भी शामिल है। आरोप है कि दोनों नेताओं ने बिना अनुमति के सभा आयोजित की और लोगों को भड़काने का काम किया, जिससे बाद में हिंसक स्थिति उत्पन्न हुई।
गौरतलब है कि घटना के बाद से ही प्रवीण राम और राजू करपड़ा सोशल मीडिया पर लगातार वीडियो शेयर कर रहे थे और बड़ी-बड़ी बातें कर रहे थे, लेकिन वास्तविक स्थिति में घटना स्थल पर आने की हिम्मत नहीं दिखा रहे थे। गुरुवार को अहमदाबाद स्थित पार्टी कार्यालय में दोनों नेताओं ने ऐलान किया कि वे अत्याचारों को रोकने और किसानों के अधिकारों के लिए आमरण अनशन पर बैठेंगे। प्रवीण राम की एक सोशल मीडिया पोस्ट से यह भी स्पष्ट होता है कि उन्हें पहले से ही अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा था। पुलिस ने उनके कार्यालय पहुँचते ही कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ़्तार कर लिया।
गुजरात की तीस साल की बीजेपी सरकार ने दमन की इंतहा कर दी। किसानों के पक्ष में आवाज़ उठाने के जुर्म में आज आम आदमी पार्टी के दो नेताओं – प्रवीण राम और राजू करपड़ा को गिरफ्तार कर लिया। pic.twitter.com/hxWd7kTLnP
— Arvind Kejriwal (@ArvindKejriwal) October 16, 2025
इस घटना के बाद आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने दोनों नेताओं का बचाव किया और कहा कि प्रवीण राम और राजू करपड़ा ऐसे नेता हैं जो किसानों के हित में आवाज उठाते हैं। AAP ने हमेशा की तरह इस कार्रवाई का विरोध करते हुए अपने नेताओं का समर्थन किया है। हालांकि, वर्तमान स्थिति को देखते हुए लगता है कि दिवाली इस बार इन नेताओं के लिए जेल की सलाखों के पीछे ही मनानी पड़ेगी। यह घटना गुजरात में राजनीतिक और सामाजिक तनाव की एक झलक पेश करती है, जहां स्थानीय हिंसा और राजनीतिक गतिविधियाँ सीधे जनता और कानून प्रवर्तन के बीच संघर्ष का रूप ले रही हैं।
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