कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु से एक संवेदनशील मामला सामने आया है, जहाँ परीक्षा देने पहुँचे ब्राह्मण छात्रों के साथ कथित तौर पर धार्मिक भावनाओं से जुड़ा विवाद खड़ा हो गया। कृपानिधि कॉलेज में परीक्षा से पहले छात्रों को जनेऊ उतारने के लिए मजबूर किए जाने का आरोप है। घटना के बाद पुलिस ने FIR दर्ज कर ली है और कॉलेज प्रशासन ने तीन प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है।
क्या हुआ परीक्षा के दौरान?
पीड़ित छात्रों के अनुसार, शुक्रवार (24 अप्रैल 2026) को वे CET परीक्षा देने कॉलेज पहुँचे थे। एग्जाम हॉल में प्रवेश से पहले वहां मौजूद स्टाफ ने उन्हें जनेऊ उतारने के लिए कहा। छात्रों का कहना है कि धातु की चीजें जैसे चेन या बाली उतरवाना सामान्य नियम है, लेकिन जनेऊ उतारने का कोई नियम नहीं है।
छात्रों ने यह भी आरोप लगाया कि कुछ के हाथों में बंधा पवित्र धागा (मौली/कलावा) भी कटवा दिया गया। मजबूरी में छात्रों को अपनी धार्मिक पहचान से जुड़े प्रतीक उतारने पड़े ताकि वे परीक्षा दे सकें।
बेंगलुरु में CET एग्जाम में ब्राह्मण छात्रों से जबरन जनेऊ उतरवाने के आरोप में कॉलेज के 3 प्रोफेसर सस्पेंड हुए।
कर्नाटक के उच्च शिक्षा मंत्री एम.सी. सुधाकर ने कहा, मैं इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रहा हूं और हमने विभागीय अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए है। https://t.co/o6erkbDpgY
— ब्राह्मण साहब 🚩🐯 (@BRAHMAN_BR28) April 25, 2026
अभिभावकों का विरोध और कार्रवाई
जब छात्रों ने घर जाकर इस घटना की जानकारी दी, तो अभिभावकों में भारी नाराजगी देखने को मिली। कई अभिभावक कॉलेज पहुँचे और जोरदार विरोध दर्ज कराया। मामला बढ़ने पर पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई, जिसके बाद FIR दर्ज की गई।
कॉलेज प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन प्रोफेसरों को सस्पेंड कर दिया है। साथ ही राज्य सरकार ने भी मामले की जांच शुरू करवा दी है।
सरकार की प्रतिक्रिया
कर्नाटक के शिक्षा मंत्री ने इस घटना को “गलत और दुर्भाग्यपूर्ण” बताया है। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे मामलों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए जा चुके हैं कि परीक्षा के दौरान जनेऊ उतरवाने की कोई बाध्यता नहीं है।
सरकार ने आश्वासन दिया है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी, ताकि भविष्य में किसी भी छात्र के साथ इस प्रकार का व्यवहार न हो।
मामले पर सियासत तेज
इस घटना को लेकर राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने राज्य की Indian National Congress सरकार पर निशाना साधते हुए इसे हिंदू भावनाओं को आहत करने वाला बताया है।
वहीं सरकार का कहना है कि वह निष्पक्ष जांच करवा रही है और दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि स्पष्ट सरकारी निर्देशों के बावजूद कॉलेज प्रशासन ने ऐसा कदम क्यों उठाया।
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