उत्तर प्रदेश के संभल जिले में सरकारी तालाब की जमीन पर किए गए अवैध कब्जे के खिलाफ प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ा एक्शन शुरू किया है। असमोली क्षेत्र के राया बुजुर्ग गांव में 880 वर्ग मीटर तालाब की जमीन पर बने अवैध निर्माण को हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इस जमीन पर बनी एक मस्जिद और मौलाना के परिवार के तीन मकानों को गिराने का काम शुरू हो चुका है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए 100 से अधिक पुलिसकर्मी तैनात हैं, तीन बुलडोजर लगाए गए हैं और ड्रोन के जरिए पूरी कार्रवाई पर नजर रखी जा रही है।
कार्रवाई के दौरान भावुक दृश्य भी देखने को मिले। सुबह करीब 9 बजे जब प्रशासन की टीम बुलडोजर लेकर मौके पर पहुंची, तो मस्जिद के मौलाना और उनके भाइयों ने प्रशासन से गुहार लगाई कि वे स्वयं अपने घरों को तोड़ देंगे। इसके बाद उन्होंने हथौड़ी और छेनी से दीवारें गिराने की कोशिश भी की, लेकिन जब वे ऐसा करने में असफल रहे, तो प्रशासन को बुलडोजर चलाने का फैसला लेना पड़ा।
#WATCH | संभल, उत्तर प्रदेश: प्रशासन ने रायबुजुर्ग गांव में एक अवैध निर्माण पर अतिक्रमण विरोधी अभियान चलाया। pic.twitter.com/fdOje5END3
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 6, 2026
हालांकि, प्रशासन ने मानवीय आधार पर एक भाई जीशान को राहत दी है। छोटे बच्चों और रहने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था न होने के चलते उसे अपना सामान हटाने के लिए पांच दिन का समय दिया गया है। वहीं, बाकी दो मकानों को ध्वस्त कर दिया गया है।
इस पूरे मामले की जड़ राया बुजुर्ग गांव की तालाब की 880 वर्ग मीटर भूमि है, जिसे सरकारी रिकॉर्ड में दर्ज बताया गया है। अधिकारियों के अनुसार, इस जमीन पर अवैध कब्जे की पहचान वर्ष 2022 में ही कर ली गई थी। मामला इलाहाबाद हाई कोर्ट तक पहुंचा, जहां मस्जिद कमेटी और मौलाना के तीनों भाइयों की याचिकाएं खारिज कर दी गईं। प्रशासन का कहना है कि अवैध निर्माण हटाने के लिए पहले भी कई बार नोटिस और समय दिया गया था, लेकिन जब कोई कार्रवाई नहीं हुई, तो मजबूरन यह कदम उठाया गया।
प्रशासन के मुताबिक, ग़ौसुलबरा मस्जिद का निर्माण काफी मजबूत है, जिसकी छत और ढांचे को साधारण बुलडोजर से गिराना मुश्किल हो रहा है। इसी कारण विशेष ‘हाइड्रा’ मशीन मंगाई गई है। अधिकारियों का अनुमान है कि मस्जिद के पूरे मुख्य ढांचे को गिराने में अभी 5 से 6 दिन का समय लग सकता है।
#WATCH | संभल, उत्तर प्रदेश: संभल CO कुलदीप कुमार ने बताया, "रायबुजुर्ग में कुछ लोगों ने अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया था, जिसमें एक मस्जिद और 2-3 घर शामिल थे। इन्हें हटाने के लिए कार्रवाई की जा रही है। इन लोगों ने खुद ही ढांचों को गिराने के लिए तीन दिन का समय मांगा था, लेकिन जब… https://t.co/sdRZUHXz17 pic.twitter.com/g6e5OjpY6c
— ANI_HindiNews (@AHindinews) January 6, 2026
संभल के सीओ कुलदीप कुमार ने बताया कि रायबुजुर्ग गांव में कुछ लोगों ने तालाब की जमीन पर अतिक्रमण कर अवैध निर्माण किया था, जिसमें एक मस्जिद और दो से तीन मकान शामिल थे। उन्होंने कहा कि संबंधित लोगों को पहले खुद ढांचे हटाने के लिए समय दिया गया था, लेकिन ऐसा न होने पर प्रशासन को कानून के तहत कार्रवाई करनी पड़ी।
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