पश्चिम बंगाल की राजनीति में सुवेंदु अधिकारी के मुख्यमंत्री पद की शपथ के बाद सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लंबा पोस्ट जारी कर चुनाव प्रक्रिया और उसके बाद की घटनाओं पर सवाल उठाए हैं।
30 लाख वोटरों के नाम हटाने का आरोप
अभिषेक बनर्जी ने दावा किया कि राज्य में चुनाव बेहद कठिन परिस्थितियों में हुए, जहां लगभग 30 लाख “वास्तविक मतदाताओं” के नाम मतदाता सूची से हटा दिए गए।
उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और कुछ सरकारी एजेंसियों का रवैया निष्पक्ष नहीं था, जिससे चुनाव की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।
EVM और VVPAT पर उठे सवाल
TMC नेता ने मतगणना प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए कहा कि वोट काउंटिंग और कंट्रोल यूनिट में अनियमितताएं हुईं।
उन्होंने मांग की कि मतगणना केंद्रों के CCTV फुटेज सार्वजनिक किए जाएं और VVPAT पर्चियों की पारदर्शी गिनती हो ताकि जनता के संदेह दूर किए जा सकें।
We have fought an extremely difficult election where nearly 30 lakh genuine voters were allegedly disenfranchised from the electoral rolls. Throughout this entire process, we witnessed what we believe was deeply partisan conduct by several government agencies as well as the…
— Abhishek Banerjee (@abhishekaitc) May 9, 2026
चुनाव बाद हिंसा पर चिंता
अभिषेक बनर्जी ने चुनाव के बाद हुई कथित हिंसा पर भी चिंता जताई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कई TMC कार्यालयों पर हमले हुए, कार्यकर्ताओं को धमकाया गया और कई लोगों को अपने घर छोड़ने पड़े।
लोकतंत्र और सुरक्षा पर सवाल
उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में किसी भी राजनीतिक कार्यकर्ता को अपनी विचारधारा और सुरक्षा के बीच चयन करने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने संवैधानिक मूल्यों की रक्षा की बात करते हुए कहा कि TMC लोकतांत्रिक अधिकारों के लिए संघर्ष जारी रखेगी।
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