उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में एक बुजुर्ग दंपति को करीब 25 साल बाद अपनी दुकान वापस मिल गई। आरोप था कि उनकी दुकान पर मोहम्मद इमामुद्दीन मलिक ने वर्षों से अवैध कब्जा कर रखा था। लंबे समय तक न्याय के लिए संघर्ष करने के बाद आखिरकार जिला प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए दुकान को कब्जा मुक्त कराया और उसके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया।
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार के भूमाफिया और अवैध कब्जों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत की गई। दुकान वापस मिलने के बाद बुजुर्ग दंपति भावुक हो गए और प्रशासन का आभार जताया।
25 वर्षों से कब्जे की शिकायत
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, बुजुर्ग दंपति ने अपनी दुकान पर लंबे समय से चले आ रहे कथित अवैध कब्जे की शिकायत जिलाधिकारी रविंद्र कुमार से की थी। शिकायत मिलने के बाद प्रशासन ने पूरे मामले की जांच कराई और संबंधित दस्तावेजों का परीक्षण किया।
जांच के दौरान शिकायत सही पाए जाने पर स्क्रीनिंग कमेटी ने कार्रवाई की सिफारिश की। इसके बाद जिला प्रशासन ने कब्जा हटाने की प्रक्रिया शुरू की।
गाजियाबाद में 25 साल बाद बुजुर्ग दंपति को उनकी दुकान वापस मिली!
प्रशासन की कार्रवाई के बाद कथित अवैध कब्जे से दुकान को मुक्त कराकर असली मालिकों को सौंप दिया गया।
दुकान वापस मिलने पर बुजुर्ग दंपति भावुक हो गए और जिला प्रशासन का आभार जताया।
जिलाधिकारी ने कहा कि भूमाफियाओं और… pic.twitter.com/zy8UoW5Sy8
— One India News (@oneindianewscom) June 17, 2026
प्रशासन की मौजूदगी में खाली कराई गई दुकान
मंगलवार (16 जून 2026) को जिलाधिकारी रविंद्र कुमार पुलिस बल और प्रशासनिक अधिकारियों के साथ गांधीनगर क्षेत्र पहुंचे। प्रशासन की निगरानी में दुकान को कब्जे से मुक्त कराया गया और उसका स्वामित्व वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया।
दुकान वापस मिलने के बाद प्रशासन की मौजूदगी में नारियल फोड़कर दुकान का उद्घाटन भी कराया गया। इस दौरान स्थानीय लोगों की भी मौजूदगी रही।
‘उम्मीद छोड़ दी थी, अब न्याय मिला’
बुजुर्ग दंपति ने बताया कि दुकान पर पिछले 25-30 वर्षों से कब्जा था। उनका आरोप है कि जब भी उन्होंने दुकान खाली कराने की बात कही, उन्हें कई बार धमकियों का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि वर्षों तक विभिन्न कार्यालयों के चक्कर लगाने के बावजूद उन्हें न्याय नहीं मिला और एक समय ऐसा आ गया था जब उन्होंने उम्मीद ही छोड़ दी थी। लेकिन प्रशासनिक कार्रवाई के बाद उन्हें अपनी संपत्ति वापस मिल गई।
दुकान वापस मिलने पर बुजुर्ग दंपति ने जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की तुलना हनुमान जी से करते हुए कहा कि उन्हें विश्वास नहीं था कि उनकी दुकान दोबारा मिल पाएगी।
भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान जारी
जिलाधिकारी रविंद्र कुमार ने कहा कि जिले में अवैध कब्जों और भूमाफियाओं के खिलाफ अभियान लगातार जारी है। प्रशासन ऐसे मामलों को गंभीरता से लेकर कार्रवाई कर रहा है।
उन्होंने आम नागरिकों से अपील करते हुए कहा कि यदि किसी की जमीन, मकान या दुकान पर अवैध कब्जा है तो वह प्रशासन से संपर्क करे। उचित जांच और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
प्रदेश सरकार की नीति को मिली मजबूती
यह कार्रवाई उत्तर प्रदेश सरकार की अवैध कब्जों के खिलाफ सख्त नीति का हिस्सा मानी जा रही है। प्रशासन का कहना है कि भविष्य में भी ऐसे मामलों में त्वरित कार्रवाई जारी रहेगी ताकि वास्तविक संपत्ति मालिकों को न्याय मिल सके और भूमाफियाओं पर प्रभावी अंकुश लगाया जा सके।
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