अमेरिका और ईरान के बीच हाल ही में हुए समझौते के बाद मध्य पूर्व में शांति की उम्मीदें जगी थीं, लेकिन अब हालात फिर तनावपूर्ण होते नजर आ रहे हैं। दक्षिणी लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई में चार लोगों की मौत के बाद क्षेत्रीय तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान ने आरोप लगाया है कि इजरायल लगातार युद्धविराम समझौते का उल्लंघन कर रहा है और क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ाने की कोशिश कर रहा है।
ईरान का दावा- इजरायल ने 84 बार तोड़ा युद्धविराम
ईरान ने कहा है कि तेहरान और अमेरिका के बीच हुए समझौते के बाद से इजरायल ने लेबनान में कम से कम 84 बार युद्धविराम का उल्लंघन किया है। ईरानी अधिकारियों का आरोप है कि इजरायली सेना लगातार सैन्य कार्रवाई कर रही है, जिससे क्षेत्र में शांति प्रयास कमजोर हो रहे हैं।
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि यह सिलसिला नहीं रुका तो स्थिति और गंभीर हो सकती है तथा इसका जवाब भी दिया जा सकता है।
अब्बास अराघची बोले- इजरायली सेना की वापसी जरूरी
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि दक्षिणी लेबनान से इजरायली सेना की वापसी किसी भी स्थायी शांति समझौते की मूल शर्त है। उन्होंने कहा कि जब तक कब्जे वाले क्षेत्रों से सैन्य बलों की वापसी नहीं होती, तब तक मध्य पूर्व में स्थायी शांति की उम्मीद करना मुश्किल होगा।
अराघची ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से भी इस मुद्दे पर सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
ट्रंप ने भी इजरायल को दी नसीहत
फ्रांस में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इजरायल की सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लेबनान के मामले में इजरायल को अधिक जिम्मेदारी और संयम दिखाने की जरूरत है।
ट्रंप ने कहा कि किसी एक संदिग्ध व्यक्ति को निशाना बनाने के लिए पूरी इमारतों को तबाह करना उचित नहीं माना जा सकता, क्योंकि ऐसे अभियानों में निर्दोष नागरिक भी प्रभावित होते हैं।
लेबनान में फिर बढ़ सकता है संघर्ष
विश्लेषकों का मानना है कि दक्षिणी लेबनान में हुई हालिया घटनाओं के बाद इजरायल और लेबनान के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक स्तर तक पहुंच सकता है। क्षेत्र में पहले से ही अस्थिर सुरक्षा हालात बने हुए हैं और ऐसे में किसी भी सैन्य कार्रवाई का व्यापक असर पड़ सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि कूटनीतिक प्रयासों को मजबूती नहीं मिली तो मध्य पूर्व में हालात दोबारा बड़े संघर्ष की ओर बढ़ सकते हैं।
मध्य पूर्व में शांति प्रयासों पर मंडराया संकट
अमेरिका-ईरान समझौते को हाल के वर्षों की एक महत्वपूर्ण कूटनीतिक उपलब्धि माना जा रहा था। लेकिन लेबनान में बढ़ते सैन्य तनाव ने इस समझौते के भविष्य और क्षेत्रीय स्थिरता पर नए सवाल खड़े कर दिए हैं।
अब दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आने वाले दिनों में इजरायल, लेबनान, ईरान और अमेरिका इस स्थिति को किस तरह संभालते हैं और क्या क्षेत्र में शांति कायम रह पाती है या नहीं।
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