अडानी ग्रीन एनर्जी लिमिटेड (AGEL), जो भारत की सबसे बड़ी रिन्यूएबल एनर्जी डेवलपर कंपनी है, अब अपनी व्यवसायिक रणनीति में पर्यावरण संरक्षण को और गहराई से शामिल कर रही है। कंपनी ने नेचर-रिलेटेड फाइनेंशियल डिस्क्लोज़र्स (TNFD) फ्रेमवर्क को औपचारिक रूप से अपनाकर अपनी स्थिरता योजना को एक नए स्तर पर पहुँचाया है। इस कदम से स्पष्ट होता है कि AGEL पारंपरिक ESG (एनवायरनमेंट, सोशल, गवर्नेंस) अनुपालन के दायरे से आगे बढ़ते हुए प्रकृति संरक्षण को अपने विकास मॉडल का मूल हिस्सा बनाना चाहती है। इसका उद्देश्य सिर्फ ग्रीन एनर्जी उत्पादन बढ़ाना ही नहीं, बल्कि बायोडायवर्सिटी और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र की रक्षा सुनिश्चित करना भी है।
वित्त वर्ष 2024 में AGEL ने अपने सभी परिचालन स्थलों पर व्यापक मूल्यांकन शुरू किया था। TNFD समूह का हिस्सा बनने से पहले ही कंपनी ने पर्यावरणीय निर्भरता, संभावित जोखिमों और अवसरों की पहचान कर ली थी। कंपनी के CEO आशीष खन्ना ने कहा कि यह फ्रेमवर्क सुनिश्चित करता है कि रिन्यूएबल एनर्जी का विकास केवल तकनीकी या आर्थिक रूप से ही नहीं, बल्कि पारिस्थितिक दृष्टि से भी संतुलित हो। उनका कहना है कि सोलर और विंड ऊर्जा परियोजनाएँ प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र पर प्रभाव डालती हैं, और TNFD अपनाकर AGEL इन प्रभावों को कम करने और पर्यावरण को सशक्त बनाने की दिशा में ठोस योगदान देगी।
AGEL को इस दिशा में कई अंतरराष्ट्रीय संगठनों का समर्थन मिला है, जिनमें संयुक्त राष्ट्र पर्यावरण कार्यक्रम (UNEP), FI, UNDP, वर्ल्ड वाइल्डलाइफ फंड (WWF) और ग्लोबल कैनोपी शामिल हैं। ये संगठन मिलकर दुनिया भर की कंपनियों के लिए एक मानक फ्रेमवर्क तैयार करते हैं, जिससे वे प्रकृति से जुड़े जोखिमों का आकलन कर सकें और उनसे निपटने के उपाय विकसित कर सकें। AGEL इस फ्रेमवर्क को अपने निर्णयों में शामिल करने वाली दुनिया की अग्रणी रिन्यूएबल एनर्जी कंपनियों में से एक बन गई है, जो इसे वैश्विक स्तर पर एक महत्वपूर्ण उपलब्धि बनाता है।
कंपनी ने घोषणा की है कि 2030 तक वह “बायोडायवर्सिटी पर नेट-जीरो लॉस” के लक्ष्य को प्राप्त करेगी, यानी उसके प्रोजेक्ट्स के कारण पर्यावरण को किसी प्रकार का नुकसान न हो। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए AGEL ने अपने प्रोजेक्ट स्थलों पर 2.70 करोड़ पेड़ लगाने की महत्वाकांक्षी योजना बनाई है। यह कदम न सिर्फ कार्बन कैप्चर बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को भी सुदृढ़ करेगा।
इस प्रकार, TNFD फ्रेमवर्क अपनाना AGEL के लिए सिर्फ एक पर्यावरणीय पहल नहीं, बल्कि वैश्विक रिन्यूएबल एनर्जी इंडस्ट्री में अपनी नेतृत्वकारी स्थिति मजबूत करने की दिशा में उठाया गया महत्त्वपूर्ण और दूरदर्शी कदम है।
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