भारत में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए अडानी ग्रुप ने 17 फरवरी 2026 को 100 अरब डॉलर (करीब ₹9.1 लाख करोड़) निवेश की घोषणा की है। यह निवेश ग्रीन एनर्जी से संचालित AI-रेडी डेटा सेंटर विकसित करने में किया जाएगा। कंपनी का कहना है कि यह सिर्फ बिजनेस विस्तार नहीं, बल्कि भारत को वैश्विक AI पावरहाउस बनाने की दीर्घकालिक रणनीति है।
250 अरब डॉलर का AI इकोसिस्टम बनने की उम्मीद
अडानी ग्रुप के मुताबिक, इस निवेश से अगले दशक में लगभग 150 अरब डॉलर का अतिरिक्त निवेश और आर्थिक गतिविधियां उत्पन्न हो सकती हैं। इस तरह भारत में कुल AI इंफ्रास्ट्रक्चर इकोसिस्टम करीब 250 अरब डॉलर तक पहुंचने की संभावना है।
चेयरमैन गौतम अडानी ने कहा कि दुनिया एक नई ‘इंटेलिजेंस क्रांति’ की ओर बढ़ रही है और भविष्य उन्हीं देशों का होगा जो ऊर्जा और कंप्यूटिंग क्षमता को साथ लेकर चलेंगे। उनका मानना है कि भारत AI का केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि निर्माता और वैश्विक प्रदाता बनेगा।
डेटा सेंटर क्षमता बढ़ाने की योजना
कंपनी अपनी डेटा सेंटर यूनिट ‘AdaniConnex’ के नेटवर्क को बड़े स्तर पर विस्तार देगी।
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मौजूदा क्षमता: करीब 2 गीगावॉट
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लक्ष्य: 5 गीगावॉट तक विस्तार
गूगल के साथ मिलकर विशाखापट्टनम में देश का सबसे बड़ा AI डेटा सेंटर कैंपस बनाया जा रहा है, जबकि नोएडा में विस्तार की तैयारी है। माइक्रोसॉफ्ट के साथ हैदराबाद और पुणे में प्रोजेक्ट आगे बढ़ रहे हैं। इसके अलावा फ्लिपकार्ट के साथ हाई-परफॉर्मेंस AI डेटा सेंटर विकसित किया जाएगा, जो बड़े AI वर्कलोड और डिजिटल कॉमर्स जरूरतों को सपोर्ट करेगा।
ग्रीन एनर्जी से चलेगा AI इंफ्रास्ट्रक्चर
इस पहल की खासियत यह है कि डेटा सेंटर को ग्रीन एनर्जी से संचालित किया जाएगा।
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खावड़ा में 30 गीगावॉट रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
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अतिरिक्त 55 अरब डॉलर निवेश से बैटरी स्टोरेज और रिन्यूएबल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत किया जाएगा।
डेटा सेंटर में लिक्विड कूलिंग और ऊर्जा दक्ष तकनीक का इस्तेमाल किया जाएगा ताकि कम बिजली में ज्यादा कंप्यूटिंग संभव हो सके।
स्टार्टअप और रिसर्च को मिलेगा फायदा
कंपनी अपनी GPU और हाई-परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग क्षमता का हिस्सा भारतीय स्टार्टअप्स, रिसर्च संस्थानों और टेक उद्यमियों के लिए उपलब्ध कराएगी। साथ ही विश्वविद्यालयों के साथ मिलकर AI कोर्स, रिसर्च लैब और फेलोशिप प्रोग्राम शुरू करने की योजना है, जिससे देश में AI टैलेंट को बढ़ावा मिलेगा।
भारत के लिए क्यों महत्वपूर्ण
विशेषज्ञों के अनुसार, अगर यह योजना तय समय पर पूरी होती है तो भारत ऊर्जा और कंप्यूटिंग दोनों क्षेत्रों में मजबूत स्थिति हासिल कर सकता है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे, विदेशी निर्भरता कम होगी और भारत AI टेक्नोलॉजी के वैश्विक केंद्र के रूप में उभर सकता है।
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