महाराष्ट्र के नासिक में स्थित एक मल्टीनेशनल आईटी कंपनी के BPO सेक्टर में कथित यौन उत्पीड़न और जबरन धर्मांतरण से जुड़े मामले ने बड़ा विवाद खड़ा कर दिया है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा एक विशेष ऑपरेशन के तहत हुआ, जिसमें सात महिला पुलिसकर्मियों ने पहचान बदलकर कंपनी में कर्मचारी के रूप में काम किया और करीब एक सप्ताह तक गतिविधियों पर नजर रखी।
क्या है पूरा मामला?
सूत्रों और पुलिस जांच के अनुसार, कंपनी में कार्यरत कुछ टीम लीडर्स पर आरोप है कि वे हिंदू कर्मचारियों को निशाना बनाकर कथित रूप से उत्पीड़न और धर्मांतरण के लिए दबाव बना रहे थे।
पीड़ितों में कुल 9 लोग शामिल बताए जा रहे हैं, जिनमें 8 महिलाएं (6 अविवाहित और 2 विवाहित) और 1 पुरुष शामिल है।
लगाए गए गंभीर आरोप
पीड़ितों द्वारा दर्ज शिकायतों में कई गंभीर आरोप सामने आए हैं, जिनमें शामिल हैं:
- यौन उत्पीड़न और छेड़छाड़
- धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का आरोप
- धार्मिक गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करना (नमाज पढ़ना, बुर्का पहनना आदि)
- कथित रूप से गोमांस खाने के लिए दबाव
- हिंदू देवी-देवताओं का अपमान करने के आरोप
- ऑफिस के बाहर और सुनसान जगहों पर उत्पीड़न
एक पीड़िता ने आरोप लगाया कि उसके साथ कंपनी के बाहर ले जाकर दुष्कर्म किया गया, जबकि अन्य मामलों में मीटिंग के बहाने गलत व्यवहार की बात कही गई है।
पुलिस का अंडरकवर ऑपरेशन
पुलिस ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए एक विशेष रणनीति अपनाई:
- 7 महिला पुलिसकर्मियों को पहचान बदलकर कंपनी में भर्ती कराया गया
- करीब 1 सप्ताह तक अंदरूनी गतिविधियों पर नजर रखी गई
- 40 से अधिक CCTV फुटेज और सबूत जुटाए गए
- पीड़ितों के बयानों का मिलान किया गया
इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया।
गिरफ्तार आरोपी
अब तक इस मामले में जिन लोगों की गिरफ्तारी हुई है, उनके नाम इस प्रकार बताए जा रहे हैं:
- आसिफ अंसारी
- शफी शेख
- शाहरुख कुरैशी
- रजा मेमन
- तौसिफ अत्तार
- दानिश शेख
इन सभी पर कंपनी में टीम लीडर के तौर पर कार्यरत रहते हुए कथित तौर पर रैकेट चलाने के आरोप हैं।
कानूनी कार्रवाई
- 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया
- कुछ को न्यायिक हिरासत में भेजा गया
- एक आरोपी को पुलिस हिरासत में रखा गया
- मुंबई नाका और देवलाली पुलिस थानों में कुल 9 FIR दर्ज
- मामले की जांच जारी
आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग
भाजपा कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार (10 अप्रैल) को आईटी कंपनी के बाहर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान महिला प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। वहीं मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मामले की गहनता से जांच के आदेश दिए हैं। पुलिस ने यौन शोषण और धार्मिक भावनाओं को आहत करने के लिए मामले में कुछ नौ एफआईआर दर्ज की हैं। मुंबई नाका पुलिस स्टेशन में आठ और देवलाली पुलिस स्टेशन में एक केस दर्ज किया गया है।
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