बाबरी मस्जिद और राम मंदिर विवाद एक बार फिर राजनीतिक और सामाजिक चर्चा के केंद्र में आ गया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद निर्माण से जुड़े दावों के बीच हिंदू संगठनों ने लखनऊ से मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान किया है। इस बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण को लेकर कड़ा बयान देते हुए कहा कि “बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी भी नहीं होगा।”
मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ बाराबंकी जिले के श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित दशम श्री हनुमान विराट महायज्ञ एवं श्री रामार्चा पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि उनकी सरकार जो कहती है, उसे करके दिखाती है। उन्होंने राम मंदिर आंदोलन का जिक्र करते हुए कहा, “हमने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे — और आज सबके सामने है।”
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि "बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा" उन्होंने कहा कि "ये जो सपने देख रहे हैं वो पूरे नहीं होंगे, कयामत तक बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा"#UPNews #CMYogi #YogiAdityanath #RamMandir #Babri #UttarPradesh
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— One India News (@oneindianewscom) February 10, 2026
सीएम योगी ने अपने भाषण में कहा कि बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी संभव नहीं है। उन्होंने कहा, “हम आज फिर कह रहे हैं कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा। वैसे भी कयामत का दिन कभी आने वाला नहीं है।” उन्होंने यह भी कहा कि भारत की गौरवशाली परंपरा और सनातन धर्म की विरासत को सम्मान देते हुए देश आगे बढ़ रहा है।
अपने संबोधन में योगी आदित्यनाथ ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अयोध्या दौरे का उल्लेख करते हुए कहा कि श्रीराम मंदिर सनातन संस्कृति का प्रतीक है और केसरिया ध्वज भारत की सांस्कृतिक विरासत को आगे बढ़ाता रहेगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी सांस्कृतिक पहचान और परंपराओं के साथ आगे बढ़ रहा है।
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