कर्नाटक के कलबुर्गी जिले में एक महिला लाइब्रेरियन ने वेतन नहीं मिलने और आर्थिक तंगी के कारण अपने जीवन का अंत कर लिया। इस घटना को लेकर भाजपा ने राज्य सरकार पर निशाना साधा और इसे सरकार की “नकारात्मकता” और कर्मचारियों के प्रति अवहेलना बताया।
लाइब्रेरियन भाग्यवती वी. अग्गीमठ ने मंगलवार (14 अक्टूबर 2025) को मुलाखेड़ा गाँव में स्थित अरिवू सेंटर पुस्तकालय में सुसाइड कर लिया। वह पिछले 6 वर्षों से इस पुस्तकालय में कार्यरत थीं।
महिला ने एक सुसाइड नोट भी छोड़ा, जिसमें उन्होंने कहा कि पिछले 3 महीने से वेतन नहीं मिलने के कारण वह गंभीर आर्थिक तंगी में थीं। उन्होंने बार-बार अधिकारियों से बकाया वेतन की मांग की थी, लेकिन उन्हें कोई जवाब नहीं मिला। भाग्यवती अपने घर के खर्च और दो बच्चों की स्कूल फीस का प्रबंध करने के लिए संघर्ष कर रही थीं।
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मृतक के परिवार ने इस मौत के लिए विभाग को जिम्मेदार ठहराया और मुआवजे के साथ-साथ परिवार के किसी सदस्य को नौकरी देने की मांग की है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जाँच प्रक्रिया शुरू कर दी है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष और विधायक बी.वाई. विजयेंद्र ने दुख व्यक्त करते हुए कहा कि यह घटना कर्नाटक की कॉन्ग्रेस सरकार की दिवालियापन और निर्दयता को दर्शाती है। उन्होंने कहा, “भाग्यवती अग्गीमठ का दुखद अंत समाज के लिए शर्म की बात है। राज्य सरकार अपने कर्मचारियों को वेतन तक नहीं दे पा रही, जिससे वे गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं।”
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विजयेंद्र ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री और अन्य अधिकारी जनता की समस्याओं को गंभीरता से नहीं सुन रहे, और यहाँ तक कि मंत्री प्रियांक खड़गे ने भी गरीबों की पुकार सुनने या जिले की दुर्दशा जानने में कोई रुचि नहीं दिखाई।