भारत करेगा ब्रह्मोस मिसाइलों की सबसे बड़ी खरीद, नौसेना-वायुसेना को मिलेगा बड़ा बल
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तान के सैन्य ठिकानों को भारी नुकसान पहुंचाने के बाद ब्रह्मोस सुपरसोनिक क्रूज मिसाइलों ने अपनी ताकत पूरी दुनिया को दिखा दी है। अब भारत अपने ब्रह्मोस मिसाइलों के भंडार को और मजबूत करने जा रहा है। भारत और रूस के संयुक्त उत्पादन वाली इन मिसाइलों के लिए भारतीय सेना जल्द ही सबसे बड़ा ऑर्डर देने वाली है।
#Brahmos मिसाइलों की बड़ी खरीद को मिल सकती है मंज़ूरी!
रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों के लिए बड़ी संख्या में BrahMos मिसाइलों की खरीद को हरी झंडी मिलने की संभावना।
इसके साथ ही भारतीय वायुसेना के लिए ग्राउंड और एयर-लॉन्च वर्ज़न को भी जल्द मिल… pic.twitter.com/BPDeWerKj5
— One India News (@oneindianewscom) August 5, 2025
शीर्ष रक्षा सूत्रों के अनुसार, रक्षा मंत्रालय की उच्च स्तरीय बैठक में भारतीय नौसेना के युद्धपोतों और वायु सेना के Su-30 MKI लड़ाकू विमानों के लिए जमीन और हवा से लॉन्च किए जाने वाले ब्रह्मोस संस्करणों की खरीद को मंजूरी मिलने की उम्मीद है। नौसेना इन मिसाइलों का इस्तेमाल अपने वीर श्रेणी के युद्धपोतों को लैस करने में करेगी, जबकि वायुसेना इन्हें अपने रूसी मूल के Su-30 MKI जेट्स पर लगाएगी।
ऑपरेशन सिंदूर के दौरान जब भारत ने पाकिस्तान के आतंकी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया था, तब ब्रह्मोस मिसाइलें भारतीय वायुसेना की मुख्य हथियार पसंद थीं। इनकी सटीक मारक क्षमता ने पाकिस्तानी हवाई अड्डों और सेना की छावनियों को भारी नुकसान पहुंचाया था। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी हाल में कहा था कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान स्वदेशी हथियार प्रणालियों, खासकर ब्रह्मोस, ने आत्मनिर्भर भारत की ताकत साबित की।
भारत अब लंबी रेंज वाली ब्रह्मोस मिसाइलें भी बना रहा है, जो 800 किलोमीटर से अधिक दूरी तक मार कर सकेंगी। इसके अलावा, हाइपरसोनिक ब्रह्मोस-2 के विकास पर भी काम जारी है, जो भविष्य में भारतीय रक्षा क्षमता को और कई गुना बढ़ा देगा।