साल 2025 में पहलगाम और दिल्ली में हुए आतंकी हमलों के बाद केंद्र सरकार ने देश की आंतरिक सुरक्षा और खुफिया तंत्र को और अधिक मजबूत करने का निर्णय लिया है। इसी रणनीति के तहत बजट 2026-27 में इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) को अभूतपूर्व संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं, ताकि उसे दुनिया की शीर्ष खुफिया एजेंसियों की श्रेणी में स्थापित किया जा सके। केंद्रीय गृह मंत्रालय (MHA) को इस बजट में 9.44 प्रतिशत की बढ़ोतरी के साथ ₹2.55 लाख करोड़ से अधिक का आवंटन मिला है, जिसमें से बड़ा हिस्सा पुलिस और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मदों के लिए रखा गया है।
इसी क्रम में गृह मंत्रालय के अधीन कार्यरत इंटेलिजेंस ब्यूरो को बजट 2026-27 में ₹6,782.43 करोड़ दिए गए हैं, जो पिछले वर्ष के ₹4,159.1 करोड़ के मुकाबले करीब 63 प्रतिशत अधिक है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि यह आवंटन IB के प्रशासनिक और तकनीकी खर्चों को पूरा करने के लिए किया गया है, ताकि वह आंतरिक खतरों, आतंकवादी गतिविधियों और संभावित सुरक्षा जोखिमों से जुड़ी सूचनाओं का बेहतर तरीके से संग्रह और विश्लेषण कर सके। खास तौर पर IB के कैपिटल एक्सपेंडिचर में बड़ा इजाफा किया गया है, जिससे आधुनिक निगरानी प्रणालियां, सुरक्षित संचार नेटवर्क और उन्नत डेटा एनालिटिक्स क्षमताओं को मजबूत किया जा सके।
गृह मंत्रालय के कुल बजट का लगभग 68 प्रतिशत हिस्सा ‘पुलिस’ मद को दिया गया है। इसमें इंटेलिजेंस ब्यूरो के साथ-साथ केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPFs) जैसे CRPF, BSF, ITBP, CISF, SSB, बॉर्डर डेवलपमेंट प्रोग्राम और दिल्ली व जम्मू-कश्मीर पुलिस के लिए आवंटन शामिल है। आंतरिक सुरक्षा और आतंक-रोधी अभियानों में अहम भूमिका निभाने वाली CRPF को ₹38,517.9 करोड़ दिए गए हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) को ₹29,567.64 करोड़ का बजट मिला है, जिससे अंतरराष्ट्रीय सीमाओं की निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया जाएगा। इसके अलावा BSF के एयर विंग को विमानों, नदी नौकाओं और हेलीबेस के लिए ₹95 करोड़ का अतिरिक्त प्रावधान किया गया है।
भारत-चीन सीमा की सुरक्षा करने वाली ITBP को लगभग ₹11,324.08 करोड़ आवंटित किए गए हैं, जबकि हवाई अड्डों, परमाणु संयंत्रों और अन्य संवेदनशील प्रतिष्ठानों की सुरक्षा की जिम्मेदारी संभालने वाली CISF को ₹15,973.85 करोड़ मिले हैं। नेपाल और भूटान सीमा की सुरक्षा करने वाली SSB को करीब ₹10,984.41 करोड़ दिए गए हैं। वहीं, राजधानी की कानून-व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दिल्ली पुलिस को पिछले साल की तुलना में 0.78 प्रतिशत की वृद्धि के साथ ₹12,503.65 करोड़ आवंटित किए गए हैं। केंद्र के नियंत्रण में कार्यरत जम्मू-कश्मीर पुलिस को ₹9,925 करोड़ मिले हैं। प्रधानमंत्री, पूर्व प्रधानमंत्री और उनके परिवार की सुरक्षा में तैनात SPG को ₹499.99 करोड़ का बजट मिला है, जो पिछले वर्ष की तुलना में करीब ₹20 करोड़ कम है।
कुल मिलाकर बजट 2026-27 यह संकेत देता है कि केंद्र सरकार राष्ट्रीय सुरक्षा, खुफिया तंत्र और आंतरिक सुरक्षा बलों को सर्वोच्च प्राथमिकता दे रही है, ताकि आतंकवाद और आंतरिक खतरों से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके और देश की सुरक्षा व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर मजबूत बनाया जा सके।
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