होटल कारोबारी विनीत राय हत्याकांड के आरोपी कमलेश बिंद के एनकाउंटर के बाद गाजीपुर में तनावपूर्ण स्थिति देखने को मिली। गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद अंतिम संस्कार के लिए ले जाए जा रहे कमलेश बिंद के शव को रास्ते में रोककर परिजनों और ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया। देखते ही देखते स्थिति बिगड़ गई और पुलिस तथा प्रदर्शनकारियों के बीच टकराव की नौबत आ गई।
मामले में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि पुलिस ने उपद्रव फैलाने के आरोप में दर्जनों लोगों के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी है।
अंतिम संस्कार के दौरान शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन
पुलिस सुरक्षा के बीच कमलेश बिंद का शव अंतिम संस्कार के लिए ले जाया जा रहा था। इसी दौरान फुल्लनपुर रेलवे क्रॉसिंग के पास परिजनों और स्थानीय महिलाओं ने शव वाहन को रोक लिया।
प्रदर्शनकारियों ने शव को वाहन से उतारकर सड़क पर रख दिया और एनकाउंटर के विरोध में नारेबाजी शुरू कर दी। परिजनों का आरोप है कि एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
पथराव में घायल हुए पुलिस अधिकारी
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रदर्शन के दौरान पहले पुलिस और भीड़ के बीच कहासुनी और धक्का-मुक्की हुई। इसके बाद हालात अचानक बिगड़ गए और भीड़ की ओर से पथराव शुरू हो गया।
पथराव में:
- सीओ सिटी Shekhar Sengar घायल हो गए।
- सदर कोतवाली प्रभारी प्रमोद सिंह समेत कई पुलिसकर्मियों को चोटें आईं।
- कुछ जवानों को खुद को बचाने के लिए नजदीकी बैंक शाखा में शरण लेनी पड़ी।
घटना के बाद अतिरिक्त पुलिस बल और वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर बुलाया गया।
अतिरिक्त पुलिस बल ने संभाली स्थिति
स्थिति तनावपूर्ण होने के बाद पुलिस ने इलाके में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी। अतिरिक्त बल की मदद से भीड़ को नियंत्रित किया गया और बाद में कमलेश बिंद का अंतिम संस्कार पुलिस सुरक्षा के बीच संपन्न कराया गया।
अधिकारियों का कहना है कि कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं।
60 से 70 लोगों की पहचान, मुकदमा दर्ज करने की तैयारी
पुलिस ने बताया कि घटना के वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर उपद्रवियों की पहचान की जा रही है। प्रारंभिक जांच में 60 से 70 लोगों की भूमिका सामने आने की बात कही जा रही है।
अधिकारियों के अनुसार:
- दंगा और सरकारी कार्य में बाधा डालने से संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- पथराव और हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर गिरफ्तारी की जाएगी।
- गंभीर मामलों में राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (NSA) के तहत भी कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।
परिजनों ने उठाए एनकाउंटर पर सवाल
दूसरी ओर कमलेश बिंद के परिजन पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं। उनका कहना है कि एनकाउंटर की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जानी चाहिए।
हालांकि पुलिस का कहना है कि एनकाउंटर से संबंधित सभी कानूनी प्रक्रियाओं का पालन किया गया है और मामले की जांच नियमानुसार होगी।
क्षेत्र में बढ़ाई गई सुरक्षा
घटना के बाद गाजीपुर के संवेदनशील इलाकों में पुलिस बल की अतिरिक्त तैनाती की गई है। प्रशासन ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है।
अधिकारियों का कहना है कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और जिले में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel