ओडिशा के कटक शहर में दुर्गा प्रतिमा विसर्जन को लेकर रविवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब दरगाह बाजार इलाके में पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जब कुछ प्रदर्शनकारियों ने जुलूस को रोकने की कोशिश की तो उनकी पुलिस से बहस हो गई, जिसके बाद स्थिति अचानक बिगड़ गई। भीड़ ने तोड़फोड़ शुरू कर दी और पुलिस को हालात काबू में करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। इस घटना में कई लोग घायल हो गए, जिनमें कटक के डिप्टी कमिश्नर, दरगाह बाजार थाना प्रभारी, आठ से अधिक पुलिसकर्मी और कुछ मीडियाकर्मी शामिल हैं।
घटना के बाद कटक कमिश्नरेट पुलिस ने हिंसा में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की घोषणा की है। पुलिस कमिश्नर एस. देवदत्त सिंह के निर्देशन में तीन विशेष टीमों का गठन किया गया है, जो प्रदर्शनकारियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करेंगी। कमिश्नर ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जो भी व्यक्ति हिंसा या अफवाह फैलाने में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ तत्काल और कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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— One India News (@oneindianewscom) October 6, 2025
स्थिति को नियंत्रण में रखने और अफवाहों के प्रसार को रोकने के लिए ओडिशा सरकार ने कटक के कुछ इलाकों में इंटरनेट और सोशल मीडिया सेवाएं 24 घंटे के लिए बंद कर दी हैं। गृह विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव सत्यब्रत साहू द्वारा जारी आदेश के अनुसार, 5 अक्टूबर शाम 7 बजे से 6 अक्टूबर शाम 7 बजे तक यह रोक लागू रहेगी। यह आदेश भारतीय टेलीग्राफ अधिनियम, 1885 और अस्थायी टेलीकॉम सेवा निलंबन नियम, 2017 के तहत जारी किया गया है। यह बंदी कटक म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन, कटक डेवलपमेंट अथॉरिटी और 42 मौजा क्षेत्रों में लागू रहेगी, जिसमें मोबाइल डेटा और ब्रॉडबैंड दोनों सेवाएं शामिल हैं।
हिंसा की घटनाओं के बाद प्रशासन ने कटक के 13 थाना क्षेत्रों में निषेधाज्ञा (कर्फ्यू) लागू कर दी है। ये आदेश रविवार रात 10 बजे से 36 घंटे तक प्रभावी रहेंगे। पुलिस आयुक्त ने बताया कि निषेधाज्ञा दरगाह बाजार, मंगलाबाग, छावनी, पुरीघाट, लालबाग, बिदानासी, मरकट नगर, सीडीए फेज-2, मालगोदाम, बादामबाड़ी, जगतपुर, बयालीस मौजा और सदर थाना क्षेत्रों में लागू रहेगी। दुर्गा विसर्जन जुलूस के दौरान हुई इस गुटीय झड़प में लगभग 25 लोग घायल हुए हैं, जिनमें आठ पुलिसकर्मी भी शामिल हैं।
पुलिस कमिश्नर डॉ. सुरेश देवदत्त सिंह ने बताया कि एक संगठन ने बाइक रैली निकालने की अनुमति मांगी थी, जिसे संभावित सांप्रदायिक तनाव को देखते हुए मंजूरी नहीं दी गई। इसके बावजूद कुछ लोगों ने जबरन रैली निकालने की कोशिश की, जिससे टकराव की स्थिति उत्पन्न हुई। पथराव की घटनाओं में आठ पुलिसकर्मी घायल हुए। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाई गई थी कि पथराव में घायल एक व्यक्ति की मौत हो गई है, जबकि सभी घायलों को मामूली चोटें आई थीं। तीन को उसी दिन छुट्टी दे दी गई थी और एक व्यक्ति का इलाज जारी है।
ओडिशा के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) योगेश बहादुर खुरानिया ने कहा कि वर्तमान में कटक की स्थिति नियंत्रण में है और पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे किसी भी अफवाह पर विश्वास न करें और केवल पुलिस या सरकारी स्रोतों से प्राप्त आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करें।
वहीं, विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने प्रशासन पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाया है। संगठन ने डीसीपी और जिला कलेक्टर के तत्काल स्थानांतरण की मांग की है और सोमवार को शहर बंद का आह्वान किया है। विहिप ने कहा कि प्रशासन की लापरवाही के कारण शांतिपूर्ण विसर्जन हिंसक हो गया। दूसरी ओर, बीजू जनता दल (बीजद) ने हिंसा के लिए असामाजिक तत्वों को जिम्मेदार ठहराया है, जिन्होंने शहर के सांप्रदायिक सौहार्द को बिगाड़ने की कोशिश की।
मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया और राज्यवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कटक भाईचारे और सद्भाव का प्रतीक शहर है, और कुछ उपद्रवी तत्व इसकी छवि को खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी और किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैलाए जा रहे भड़काऊ संदेशों पर ध्यान न दें और शांति एवं कानून-व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करें।
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