इस साल चारधाम यात्रा 30 अप्रैल से शुरू होगी, जिसमें गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट सबसे पहले खुलेंगे। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण 11 मार्च से शुरू होगा, और इस बार पंजीकरण प्रक्रिया को आधार कार्ड से जोड़ने की योजना बनाई गई है।
आधार से जोड़े जाएंगे पंजीकरण
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) से इस प्रक्रिया को जोड़ने की अनुमति के लिए प्रस्ताव भेजा गया है। अनुमति मिलने के बाद आधार कार्ड के माध्यम से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू होगी, जिसमें लगभग एक महीने का समय लग सकता है। यह कदम यात्रा को अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनाने के लिए उठाया जा रहा है।
पिछले साल की दिक्कतें और नए सुधार
- 2023 की यात्रा में 46 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंचे थे।
- शुरुआती दौर में पंजीकरण प्रक्रिया में तकनीकी दिक्कतों के कारण यात्रियों को शेड्यूल गड़बड़ होने और बिना पंजीकरण पहुंचने पर कठिनाइयों का सामना करना पड़ा।
इस बार प्रशासन ने इससे सबक लेते हुए 60% ऑनलाइन और 40% ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था की है।
- ऑफलाइन पंजीकरण यात्रा शुरू होने से 10 दिन पहले किया जाएगा।
- ऑनलाइन पंजीकरण 11 मार्च से उपलब्ध रहेगा।
गढ़वाल मंडलायुक्त विनय शंकर पांडेय ने बताया कि आधार लिंक पंजीकरण प्रणाली से यात्रियों की पहचान पुख्ता होगी, जिससे सुरक्षा और सुविधा में सुधार होगा।
चारधाम यात्रा का आर्थिक महत्व
चारधाम यात्रा उत्तराखंड के चमोली, रुद्रप्रयाग और उत्तरकाशी जिलों के आर्थिक विकास का मुख्य स्रोत है। इसके अलावा, हरिद्वार, देहरादून, टिहरी और पौड़ी के लोगों की आजीविका भी इस यात्रा से जुड़ी हुई है।
इस बार सरकार यात्रा को और सुगम व सुरक्षित बनाने के लिए नए डिजिटल बदलाव कर रही है, जिससे श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी।