बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद भारत विरोधी बयानबाजी लगातार तेज हो रही है। इसी क्रम में बांग्लादेश फौज के रिटायर्ड अधिकारी और BNP नेता कर्नल अब्दुल हक ने भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को अलग करने की खुली अपील की है। उन्होंने दावा किया कि जब तक भारत के सात पूर्वोत्तर राज्यों को अलग कर सात नए देशों में परिवर्तित नहीं किया जाता, तब तक बांग्लादेश सुरक्षित नहीं हो सकता।
एक कार्यक्रम के दौरान भाषण देते हुए हक ने कहा कि बांग्लादेश को युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देना चाहिए ताकि वे भारत का मुकाबला कर सकें। उनका कहना था कि भारत के कई उत्तर-पूर्वी लोग भारत से अलग होने की इच्छा रखते हैं, लेकिन अब तक बांग्लादेश उनकी मदद नहीं कर पाया। उन्होंने यह सवाल भी उठाया कि यदि भारत बांग्लादेश की राजनीति में हस्तक्षेप कर सकता है, तो बांग्लादेश भारत के पूर्वोत्तर क्षेत्र में बदलाव क्यों नहीं ला सकता।
जब पाकिस्तान इन बांग्लादेशी गद्दारों को दौरा दौरा कर मार रहा था और इनकी औरतों के साथ मजे ले रहा था तब भारत ने इन्हें बचाया
आज यह भारत के खिलाफ षड्यंत्र कर रहे हैं, इनका सपना नॉर्थ ईस्ट क्षेत्र को भारत से अलग करना है।
भारत और हिंदुओं के खिलाफ जितना षड्यंत्र हो रहा है, उसका… pic.twitter.com/l3C1kn14sG
— Chandan Sharma (@ChandanSharmaG) December 7, 2025
हक ने आगे कहा कि पड़ोसी बदले नहीं जा सकते, लेकिन नए पड़ोसी बनाए जा सकते हैं। उनके अनुसार, भारत के पूर्वोत्तर में नए देशों का निर्माण करके ही बांग्लादेश एक मजबूत और स्वतंत्र राष्ट्र बन सकता है।
अपने संबोधन में कर्नल हक ने भारत पर कई गंभीर आरोप भी लगाए। उन्होंने दावा किया कि भारत बांग्लादेश की राजनीति, प्रशासन और सेना में दखल दे रहा है। साथ ही उन्होंने सत्तारूढ़ अवामी लीग को भारत समर्थक करार दिया। उनके मुताबिक भारत की निगाह चिटगांव हिल ट्रैक्ट्स पर है और भारत ‘चिकन नेक’—वह 22 किलोमीटर लंबा संकरा कॉरिडोर जो पूर्वोत्तर भारत को देश के बाकी हिस्से से जोड़ता है—को काटकर क्षेत्र पर कब्जा करने की योजना बना रहा है।
हक ने कहा कि यदि भारत इस कॉरिडोर पर नियंत्रण खो देता है, तो उसके लिए पूरे पूर्वोत्तर पर नियंत्रण बनाए रखना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि भारत की कथित योजनाओं को विफल करने के लिए देश को जुलाई में हुए प्रदर्शनों की तरह एकजुट होना होगा।
"Bangladesh will not see full peace, until India breaks into pieces"- Abdullah Aman al Azmi(Ret.) Brigadier General. pic.twitter.com/AmxH11Z3QL
— 7th Nawab (@AshrafulAlam397) December 3, 2025
कर्नल हक साल 2023 में बांग्लादेशी सेना से रिटायर हुए थे और जमात-ए-इस्लामी से प्रेरित विचारधारा वाला माना जाता है। वह खालिदा जिया की पार्टी BNP में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं, जो परंपरागत रूप से भारत विरोधी रुख रखने वाली पार्टी मानी जाती है। BNP और जमात दोनों ही दलों के नेताओं द्वारा भारत विरोधी बयान देना नया नहीं है।
इससे पहले बांग्लादेशी फौज के पूर्व जनरल अब्दुल्लाहिल अजमी भी ऐसा ही बयान दे चुके हैं। उन्होंने कहा था कि जब तक भारत विभाजित नहीं होता, तब तक बांग्लादेश में वास्तविक शांति संभव नहीं है। वहीं अंतरिम सरकार के प्रमुख मोहम्मद यूनुस ने भारत के पूर्वोत्तर को सिलिगुड़ी कॉरिडोर पर निर्भर ‘लैंडलॉक्ड क्षेत्र’ बताया था। इन घटनाक्रमों से स्पष्ट है कि बांग्लादेश में राजनीतिक परिवर्तन के बाद भारत विरोधी समूह एक बार फिर सक्रिय हो गए हैं और खुलकर भारत की क्षेत्रीय अखंडता पर सवाल उठा रहे हैं।
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