ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर इन दिनों भारत के दौरे पर हैं। अपनी इस पहली भारत यात्रा के दौरान उन्होंने भारत की आर्थिक प्रगति की सराहना करते हुए कहा कि भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उनका यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस दावे का जवाब माना जा रहा है, जिसमें ट्रंप ने भारत की अर्थव्यवस्था को ‘डेड इकोनॉमी’ कहा था।
भारत की आर्थिक उपलब्धियों की सराहना
मुंबई में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात के दौरान कीर स्टार्मर ने कहा,
“नमस्कार दोस्तों… मैं प्रधानमंत्री मोदी को उनकी नेतृत्व क्षमता के लिए बधाई देता हूँ। भारत 2028 तक तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। आपका ‘विकसित भारत 2047’ का विजन बेहद प्रेरणादायक है।”
ब्रिटेन के प्रधानमंत्री ने भारत की आर्थिक प्रगति की जमकर तारीफ की है। उन्होंने कहा, "भारत 2028 तक दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बन जाएगा और 2047 तक एक विकसित राष्ट्र होगा।"
इस बयान ने भारत की रफ्तार को वैश्विक मंच पर रेखांकित किया है।
ब्रिटिश पीएम ने भारत के विकास की… pic.twitter.com/92y8j4bGvM
— One India News (@oneindianewscom) October 9, 2025
ब्रिटिश प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत की तेज आर्थिक प्रगति यह दर्शाती है कि देश सही दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि ब्रिटेन, भारत की इस विकास यात्रा में एक विश्वसनीय साझेदार बनना चाहता है।
कीर स्टार्मर के साथ ब्रिटेन से 125 CEO, उद्यमी, विश्वविद्यालय कुलपति और सांस्कृतिक प्रतिनिधि भारत आए हैं, जो दोनों देशों के बीच बढ़ते आर्थिक और सांस्कृतिक संबंधों का प्रतीक है।
India–UK CETA केवल एक ट्रेड समझौता नहीं है, बल्कि विश्व की दो बड़ी अर्थव्यवस्थाओं के बीच shared progress, shared prosperity and shared peoples का रोडमैप है। pic.twitter.com/ScQoy8zsxo
— Piyush Goyal (@PiyushGoyal) October 9, 2025
ट्रंप के बयान पर भारत की उपलब्धियों का जवाब
यह यात्रा ऐसे समय में हो रही है जब कुछ महीने पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत को ‘डेड इकोनॉमी’ करार दिया था। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि “भारत और रूस अपनी मरी हुई अर्थव्यवस्थाओं के साथ नीचे जा सकते हैं।” इसके बाद अमेरिका ने भारत पर 50% तक टैरिफ बढ़ा दिया था।
हालाँकि, भारत की 7.8% जीडीपी वृद्धि दर (अप्रैल-जून तिमाही) ने ट्रंप के दावे को पूरी तरह गलत साबित कर दिया। इसके बाद दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों में धीरे-धीरे सुधार देखने को मिला।
FTA के बाद भारत-ब्रिटेन रिश्तों में नया अध्याय
स्टार्मर की भारत यात्रा इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में भारत और ब्रिटेन के बीच फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस समझौते के तहत:
- ब्रिटेन भारतीय कपड़ों, जूतों और खाद्य उत्पादों पर शुल्क कम करेगा।
- वहीं भारत ब्रिटिश व्हिस्की, कॉस्मेटिक्स और मेडिकल उपकरणों पर टैक्स घटाएगा।
यह समझौता दोनों देशों के बीच व्यापार, निवेश और रोजगार के नए अवसर खोलेगा।
भारत की UNSC सदस्यता का समर्थन
अपने भाषण में कीर स्टार्मर ने भारत की संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में स्थायी सदस्यता की भी जोरदार वकालत की। उन्होंने कहा,
“हम राष्ट्रमंडल और G20 में साथ काम करते हैं, और हम चाहते हैं कि भारत को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में उसका उचित स्थान मिले।”
भारत की UNSC सदस्यता का समर्थन अब तक रूस, जर्मनी, फ्रांस और अफ्रीकी संघ जैसे कई देशों ने भी किया है।
भारत-ब्रिटेन साझेदारी का नया दौर
स्टार्मर की यह यात्रा भारत-ब्रिटेन के बीच संबंधों में एक नए युग की शुरुआत मानी जा रही है। आर्थिक साझेदारी के साथ-साथ दोनों देश जलवायु परिवर्तन, शिक्षा, नवाचार और रक्षा सहयोग जैसे क्षेत्रों में भी एक-दूसरे के साथ कदम से कदम मिलाकर चलने की दिशा में बढ़ रहे हैं।