कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में आयोजित छात्र प्रदर्शन के दौरान दिल्ली दंगों के आरोपित उमर खालिद और शरजील इमाम के समर्थन में कथित रूप से पोस्टर लहराने का मामला सामने आया है। इस घटना को लेकर पुलिस ने एक अज्ञात युवती के खिलाफ FIR दर्ज की है और उसकी पहचान के लिए CCTV फुटेज तथा अन्य डिजिटल साक्ष्यों की मदद ली जा रही है।
यह घटना 24 जुलाई 2026 को फ्रीडम पार्क में हुए बड़े छात्र आंदोलन के दौरान हुई। प्रदर्शन का आयोजन कर्नाटक विद्यार्थी संगठने (KVS) के बैनर तले किया गया था, जिसमें ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA), स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) समेत कई छात्र संगठनों के लगभग 1,000 से 1,500 सदस्य शामिल हुए थे। प्रदर्शनकारी NEET परीक्षा से जुड़े विवाद, दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे।
भीड़ के बीच लहराए गए विवादित पोस्टर
पुलिस शिकायत के अनुसार, बंदोबस्त ड्यूटी पर तैनात एक महिला पुलिस सब-इंस्पेक्टर ने प्रदर्शन के दौरान भीड़ में मौजूद एक युवती को ऐसे पोस्टर पकड़े देखा, जिन पर कथित तौर पर “उमर खालिद जिंदाबाद”, “शरजील इमाम जिंदाबाद” और “उखाड़ ले BLR पुलिस” जैसे नारे लिखे हुए थे।
शिकायत में कहा गया है कि जैसे ही पुलिसकर्मी पोस्टर जब्त करने और युवती तक पहुंचने का प्रयास करने लगे, भीड़ में मौजूद कुछ प्रदर्शनकारियों ने उसे अपने बीच छिपा लिया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी के कारण पुलिस तत्काल न तो युवती को पकड़ सकी और न ही पोस्टर बरामद कर सकी। आसपास तलाशी लेने के बावजूद विवादित पोस्टर नहीं मिले।
शाम 5 बजे से 5:30 बजे के बीच हुई घटना
पुलिस के अनुसार यह घटना शाम करीब 5 बजे से 5:30 बजे के बीच हुई, जब प्रदर्शन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र नारेबाजी कर रहे थे। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि ऐसे पोस्टरों का प्रदर्शन कर सार्वजनिक माहौल को प्रभावित करने और शांति भंग करने की कोशिश की गई।
CCTV और वीडियो फुटेज के आधार पर जांच
घटना के बाद पुलिस ने फ्रीडम पार्क परिसर में लगे CCTV कैमरों की फुटेज और ड्यूटी पर मौजूद पुलिसकर्मियों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो की जांच शुरू की। प्रारंभिक जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ सार्वजनिक शांति भंग करने और भड़काऊ गतिविधि करने के आरोप में मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य उपलब्ध जानकारी के आधार पर युवती की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पहचान होने के बाद कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रदर्शन में शामिल थे कई छात्र संगठन
फ्रीडम पार्क में आयोजित इस प्रदर्शन में विभिन्न छात्र संगठनों के कार्यकर्ता शामिल हुए थे। प्रदर्शन का मुख्य मुद्दा NEET परीक्षा से जुड़ा विवाद, छात्रों के अधिकारों से जुड़े सवाल और दिल्ली में छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई था। हालांकि, प्रदर्शन के दौरान सामने आए विवादित पोस्टरों ने पूरे कार्यक्रम को लेकर नई बहस छेड़ दी है।
फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और अधिकारियों का कहना है कि सभी उपलब्ध साक्ष्यों की गहन जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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