लद्दाख के जांस्कर क्षेत्र में कथित ‘लव जिहाद’ और जबरन धर्मांतरण के आरोपों को लेकर जांस्कर बौद्ध संघ (ZBA) ने प्रशासन को पत्र लिखकर गंभीर चिंता जताई है। संघ ने एक बौद्ध युवती के कथित अपहरण और जबरन धर्म परिवर्तन का मामला उठाते हुए उसकी सुरक्षित बरामदगी की माँग की है। इसके साथ ही केंद्र शासित प्रदेश लद्दाख में सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून लागू करने की अपील भी की गई है।
ZBA ने अपने पत्र में कहा है कि इस तरह के मामले क्षेत्र की साम्प्रदायिक सौहार्द और सामाजिक शांति को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकते हैं। संघ के अनुसार, समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए तो इससे समुदायों के बीच अविश्वास बढ़ सकता है।
युवती के लापता होने से बढ़ी चिंता
जांस्कर बौद्ध संघ के मुताबिक, स्टांजिन यांगडोल नाम की एक बौद्ध युवती पिछले कई दिनों से लापता है। युवती के माता-पिता ने संघ को बताया कि रिश्तेदारों और दोस्तों के यहाँ तलाश करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल पाया है। इस स्थिति ने परिवार और स्थानीय समुदाय की चिंता बढ़ा दी है।
संघ ने आशंका जताई है कि युवती को अज्ञात लोगों द्वारा अगवा कर उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं बंधक बनाया गया हो सकता है। ZBA ने इस मामले को गंभीर और जनहित से जुड़ा बताते हुए प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की माँग की है।
Now it is the Ladakh Buddhist Association which brings up grooming and conversion of their girls stating that these incidents have a “consistent and pre-planned pattern”. They clearly call it “love-jihad” and demand anti-love jihad & anti conversion law in the Union Territory of… pic.twitter.com/JZqNgYVHEn
— Manu Khajuria (@KhajuriaManu) January 15, 2026
निकाह के नाम पर धर्मांतरण का आरोप
ZBA ने पत्र में आरोप लगाया है कि लद्दाख में बौद्ध समुदाय की लड़कियों को निकाह के माध्यम से धोखे, दबाव या लालच देकर धर्मांतरण के लिए मजबूर किया जा रहा है। संघ का दावा है कि कई मामलों में यह प्रक्रिया युवतियों की सहमति के बिना होती है।
संघ ने इसे एक सुनियोजित और संगठित पैटर्न बताते हुए आशंका जताई है कि इसका उद्देश्य एक विशेष समुदाय की धार्मिक पहचान को बदलना है। हालांकि ZBA ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि निकाह आपसी सहमति से हो और धर्मांतरण का कोई दबाव न हो, तो ऐसे विवाह विशेष विवाह अधिनियम के तहत किए जा सकते हैं।
कार्रवाई और सख्त कानून की माँग
जांस्कर बौद्ध संघ ने लद्दाख प्रशासन से सख्त ‘धर्मांतरण विरोधी’ या ‘एंटी लव जिहाद’ कानून बनाने की माँग की है। साथ ही, आरोपितों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की संबंधित धाराओं के तहत FIR दर्ज करने का अनुरोध किया गया है।
इसके अलावा संघ ने इस्लामी नेताओं से भी अपील की है कि वे ऐसे कृत्यों से लोगों को दूर रहने के लिए जागरूक करें, ताकि क्षेत्र में शांति और सौहार्द बना रहे। ZBA ने बताया कि इस संबंध में लिखे गए पत्र की प्रतियाँ लद्दाख के उपराज्यपाल और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों को भी भेजी गई हैं।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel