23 और 24 मई 2025 को राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति के दो बड़े घटनाक्रम सामने आए हैं — एक ओर जहां झारखंड और छत्तीसगढ़ में सुरक्षाबलों ने नक्सलवाद पर निर्णायक वार किया, वहीं दूसरी ओर महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम एकनाथ शिंदे और कांग्रेस नेता राहुल गांधी के बीच “ऑपरेशन सिंदूर” को लेकर तीखा राजनीतिक टकराव हुआ।
नक्सल मोर्चे पर बड़ी सफलताएं:
🔹 झारखंड:
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2 कुख्यात नक्सली ढेर — पप्पू लोहरा (₹10 लाख का इनामी, JJMP सदस्य) और प्रभात गंझू (₹5 लाख इनामी)।
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एक अन्य घायल नक्सली गिरफ्तार।
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इंसास राइफल बरामद, क्षेत्र में तलाशी अभियान जारी।
🔹 छत्तीसगढ़ (बीजापुर और नारायणपुर जिलों में):
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24 हार्डकोर नक्सलियों का आत्मसमर्पण — ₹87.5 लाख का कुल इनाम घोषित था।
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21 मई को ऑपरेशन में 27 नक्सली ढेर, जिनमें:
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12 महिला नक्सली,
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महासचिव नंबाला केशव राव उर्फ बसवराजू (₹1.5 करोड़ इनामी),
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DKSZCM जंगू नवीन (₹25 लाख इनामी),
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4 CYPCM सदस्य और PLGA कंपनी-7 के 18 सदस्य।
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भारी हथियार बरामद: AK-47 (3), SLR (4), इंसास (6), और विस्फोटक।
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2 DRG जवान शहीद।
🔹 देश के सबसे बड़े मोस्ट वांटेड नक्सली बसवा राजू का एनकाउंटर:
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नारायणपुर-दंतेवाड़ा बॉर्डर पर मारा गया।
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₹10 करोड़ का इनामी, 6 राज्यों को था उसकी तलाश।
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DRG जवानों ने जंगल में जश्न मनाया, शहर में आतिशबाजी।
🛡️ सरकार का दावा: यह सब पुनर्वास नीति और ‘नियद नेल्ला नार’ योजना की सफलता है। लक्ष्य: मार्च 2026 तक लाल आतंक का खात्मा।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर राहुल बनाम शिंदे का तीखा राजनीतिक घमासान:
🔹 एकनाथ शिंदे (डिप्टी सीएम, महाराष्ट्र):
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“मोदी के नेतृत्व में सेना ने पाकिस्तान की कमर तोड़ी।”
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“राहुल गांधी को जलन हो रही है… क्या उनके खून में देशभक्ति नहीं?”
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“पीएम मोदी के निर्देश पर सेना ने आतंकी ठिकाने तबाह किए।”
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तुर्की को पाकिस्तान के समर्थन के चलते बहिष्कार की चेतावनी — “फल हो या एयरलाइंस, सबका बहिष्कार करें।”
🔹 राहुल गांधी (नेता प्रतिपक्ष):
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आरोप: “PM मोदी ने पाकिस्तान पर भरोसा कर भारत के सम्मान से समझौता किया।”
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ रोके जाने पर सवाल — “आपका खून सिर्फ कैमरे के सामने गरम क्यों होता है?”
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“ट्रंप के सामने झुककर भारत के हितों की बलि दी गई।”
📽️ राहुल ने प्रधानमंत्री के संबोधन का वीडियो ‘X’ पर साझा किया, जिसमें मोदी ने बताया था कि पाक की DGMO स्तर पर आश्वस्ति के बाद भारत ने सैन्य कार्रवाई पर पुनर्विचार किया।
विश्लेषण:
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नक्सल मोर्चे पर सुरक्षा बलों की सफलता ने सरकार को मजबूत नैरेटिव दिया है — शांति और विकास की दिशा में निर्णायक कदम।
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‘ऑपरेशन सिंदूर’ के कथित रोके जाने पर सियासत गरमा गई है — यह भारत-पाक संबंधों और आंतरिक सुरक्षा के मुद्दों को लेकर चुनावी विमर्श को और धार देगा।
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तुर्की को लेकर शिंदे के रुख से भाजपा का अंतरराष्ट्रीय मसलों पर भी आक्रामक रुख झलकता है।