नई दिल्ली, 13 अप्रैल 2026: प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने सोमवार को बड़ी कार्रवाई करते हुए चुनावी रणनीतिकार कंपनी I-PAC के डायरेक्टर विनेश चंदेल को गिरफ्तार कर लिया है। उन पर पश्चिम बंगाल में हुए करोड़ों रुपये के कोयला घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के गंभीर आरोप हैं।
ED के अनुसार, जांच में यह सामने आया है कि कोयला तस्करी से जुड़े नेटवर्क के जरिए अवैध धन (हवाला) के माध्यम से बड़ी रकम I-PAC से जुड़ी संस्थाओं तक पहुंचाई गई। एजेंसी का दावा है कि कोयला घोटाले से जुड़े पैसों को विभिन्न खातों में ट्रांसफर कर उनका उपयोग अलग-अलग गतिविधियों में किया गया।
The Enforcement Directorate has arrested a director linked to I-PAC in connection with the alleged coal pilferage case: Officials pic.twitter.com/Kwc6FMpjIP
— ANI (@ANI) April 14, 2026
इससे पहले 2 अप्रैल को ED ने दिल्ली में विनेश चंदेल के आवास और I-PAC के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए यह गिरफ्तारी की गई।
यह मामला पहले से ही राजनीतिक रूप से संवेदनशील रहा है। जनवरी में जब ED ने कोलकाता में I-PAC कार्यालय और संबंधित व्यक्तियों के ठिकानों पर छापेमारी की थी, तब पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी स्वयं मौके पर पहुंच गई थीं, जिसके बाद काफी राजनीतिक विवाद भी हुआ था।
जांच एजेंसी इससे पहले भी इस केस में कई लोगों से पूछताछ कर चुकी है, जिनमें कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक नाम भी शामिल बताए जा रहे हैं।
ED का कहना है कि यह जांच इस बात पर केंद्रित है कि कोयले की अवैध तस्करी से अर्जित धन को किन माध्यमों से राजनीतिक परामर्श और अन्य व्यावसायिक गतिविधियों में इस्तेमाल किया गया।
2020 में शुरू हुए इस कोयला घोटाले की जांच में आरोप है कि आसनसोल क्षेत्र की खदानों से अवैध रूप से कोयला निकाला गया और उसे बेचकर करोड़ों रुपये की काली कमाई की गई।
दो शब्दों संदेश के
“यह मामला इस बात पर जोर देता है कि लोकतंत्र में वित्तीय पारदर्शिता और कानून का पालन सर्वोच्च प्राथमिकता है, और किसी भी अवैध धन प्रवाह पर सख्त कार्रवाई जरूरी है।”
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