एलन मस्क की स्टारलिंक को भारत में Satcom सेवाओं के लिए मिला लाइसेंस
नई दिल्ली:
एलन मस्क की कंपनी Starlink को भारत में सैटेलाइट संचार (Satcom) सेवाएं देने के लिए बड़ी सफलता मिली है। समाचार एजेंसी PTI ने सरकारी सूत्रों के हवाले से बताया कि दूरसंचार विभाग (DoT) ने स्टारलिंक को देश में संचालन के लिए आवश्यक Global Mobile Personal Communication by Satellite (GMPCS) सेवा का लाइसेंस प्रदान कर दिया है।
स्टारलिंक भारत में GMPCS लाइसेंस प्राप्त करने वाली तीसरी कंपनी बन गई है। इससे पहले यह लाइसेंस OneWeb (भारतीय भागीदारी वाली कंपनी) और Reliance Jio’s Jio Satellite Communications को मिल चुका है।
सूत्रों के मुताबिक, लाइसेंस मिलने के 15-20 दिनों के भीतर स्टारलिंक को ट्रायल स्पेक्ट्रम भी आवंटित किया जा सकता है, जिससे वह भारत में अपनी सेवाओं का परीक्षण शुरू कर सकेगी।
क्या है Starlink?
Starlink, एलन मस्क की कंपनी SpaceX की एक शाखा है, जो पृथ्वी की कक्षा में निम्न ऊंचाई पर मौजूद हजारों छोटे सैटेलाइट्स की मदद से हाई-स्पीड इंटरनेट कनेक्टिविटी प्रदान करती है। इसका उद्देश्य दूर-दराज के क्षेत्रों में इंटरनेट पहुंचाना है, जहां पारंपरिक टॉवर आधारित नेटवर्क पहुंच नहीं बना पाते।
भारत के लिए इसका क्या मतलब है?
- भारत के दूरदराज और ग्रामीण इलाकों में तेज़ इंटरनेट कनेक्शन की पहुंच संभव हो सकेगी।
- डिजिटल इंडिया मिशन को बड़ी मजबूती मिलेगी।
- शिक्षा, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में रियल टाइम डेटा कनेक्टिविटी सुनिश्चित की जा सकेगी।
- प्रतिस्पर्धी सैटकॉम बाजार को नई गति मिलेगी, जिससे उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं और विकल्प मिल सकेंगे।
चुनौतियां और अगले कदम:
- स्पेक्ट्रम आवंटन और वाणिज्यिक लॉन्च के लिए केंद्र सरकार की कुछ और मंजूरियां ज़रूरी हैं।
- सुरक्षा और डेटा गोपनीयता को लेकर भारत सरकार की शर्तों का पालन भी अनिवार्य होगा।