गांधीनगर, गुजरात:
मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने गुजरात विधानसभा में यूनिफॉर्म सिविल कोड (UCC) बिल पेश किया। उत्तराखंड के बाद गुजरात वह दूसरा राज्य बन गया है, जिसने यह ऐतिहासिक बिल पेश किया।
इस बिल के तहत वसीयत न होने की स्थिति में माता-पिता, बच्चों और पत्नी को संपत्ति में बराबर हिस्सा दिया जाएगा। यह कदम महिलाओं के अधिकारों और हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
आज की विधानसभा बैठक प्रश्नकाल से शुरू हुई। कांग्रेस के विधायक अमित चावड़ा ने राज्य में पेट्रोल, डीज़ल और गैस की कमी का मुद्दा उठाया, जिससे सदन में हंगामा हुआ और सदस्यों के बीच तीखी बहस हुई।
#WATCH | Gandhinagar, Gujarat: On Uniform Law for Women in Gujarat, Deputy CM Harsh Sanghavi says, "… The Gujarat Assembly is set to present the Uniform Civil Code (UCC) Bill, aimed at protecting the rights and interests of women. This historic legislation seeks to ensure equal… pic.twitter.com/i5UTZNqlyp
— ANI (@ANI) March 24, 2026
गुजरात के उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने कहा,
“यह बिल महिलाओं के लिए न्याय और सशक्तिकरण की दिशा में एक मील का पत्थर है। यह धर्म और जाति पर आधारित लंबे समय से चली आ रही असमानताओं को खत्म करेगा और समान अधिकार और सुरक्षा सुनिश्चित करेगा। यह ‘एक राष्ट्र, एक कानून’ के विज़न को दर्शाता है और गुजरात की प्रगति में नया अध्याय शुरू करता है।”
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