मिडिल ईस्ट में एक बार फिर बड़ा सैन्य टकराव होने की आशंका बढ़ गई है। Israel ने शनिवार (28 फरवरी 2026) को दावा किया कि उसने Iran के खिलाफ ‘प्री-एम्प्टिव अटैक’ यानी संभावित खतरे को रोकने के लिए अग्रिम हमला किया है।
रिपोर्ट के अनुसार, इजरायल के रक्षा मंत्री Israel Katz ने बयान जारी कर कहा कि इजरायल ने अपने ऊपर मंडरा रहे खतरों को खत्म करने के लिए ईरान पर प्री-एम्प्टिव हमला किया है।
अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में यह भी दावा किया गया है कि इस सैन्य कार्रवाई में United States भी शामिल हो सकता है।
तेहरान में कई धमाकों की आवाजें
ईरानी मीडिया के अनुसार राजधानी Tehran में शनिवार को कई जोरदार विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। इसके बाद पूरे इलाके में सुरक्षा बढ़ा दी गई है और स्थिति पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
#BREAKING : इज़राइल ने तेहरान पर हमला शुरू किया!
इज़राइल ने अभी-अभी ईरान की राजधानी तेहरान पर हवाई हमले शुरू कर दिए हैं।
मिसाइल और फाइटर जेट्स से लक्षित हमले की खबरें आ रही हैं, स्थिति अत्यंत तनावपूर्ण।
मध्य पूर्व में बड़ा युद्ध छिड़ने की आशंका बढ़ गई है।… pic.twitter.com/HoC5mZunPn
— One India News (@oneindianewscom) February 28, 2026
यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब जून में इजरायल और ईरान के बीच लगातार 12 दिन तक हवाई हमलों का दौर चला था। उस संघर्ष के बाद उम्मीद जताई जा रही थी कि दोनों देशों के बीच तनाव कम होगा, लेकिन ताजा घटनाक्रम ने हालात फिर से गंभीर बना दिए हैं।
इजरायल में आपातकाल जैसे हालात
इजरायली सेना ने पूरे देश में खतरे के सायरन बजा दिए हैं। नागरिकों के मोबाइल फोन पर अलर्ट संदेश भेजकर सुरक्षित स्थानों के पास रहने की सलाह दी गई है।
सरकार ने संभावित खतरे को देखते हुए आपातकाल जैसी स्थिति लागू कर दी है। रक्षा मंत्री ने चेतावनी दी है कि नागरिक इलाकों पर मिसाइल और ड्रोन हमले का खतरा हो सकता है।
हवाई क्षेत्र बंद, स्कूल-कॉलेज बंद
इजरायल ने सुरक्षा कारणों से अपना हवाई क्षेत्र बंद कर दिया है और एयरलाइंस को देश की सीमा में प्रवेश न करने के निर्देश दिए गए हैं।
इसके अलावा:
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देशभर के स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं
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सार्वजनिक कार्यक्रमों पर रोक लगा दी गई है
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लोगों को वर्क फ्रॉम होम की सलाह दी गई है
परमाणु कार्यक्रम को लेकर बढ़ा विवाद
दरअसल, इजरायल लंबे समय से यह कहता रहा है कि ईरान का परमाणु और बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम उसके अस्तित्व के लिए खतरा है।
फरवरी में अमेरिका और ईरान के बीच कई वर्षों से चल रहे परमाणु विवाद को सुलझाने के लिए बातचीत फिर शुरू हुई थी। हालांकि इजरायल ने साफ कहा था कि वह ऐसे किसी समझौते से संतुष्ट नहीं होगा जिसमें केवल यूरेनियम संवर्धन (एनरिचमेंट) रोकने की बात हो।
इजरायल की मांग है कि ईरान के पूरे परमाणु ढांचे को पूरी तरह खत्म किया जाए।
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