सोशल मीडिया पर फैल रही भ्रामक जानकारी को लेकर भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने बड़ा बयान जारी किया है। मंत्रालय ने उस वायरल दावे को पूरी तरह झूठा और निराधार बताया है, जिसमें कहा गया था कि सऊदी अरब में एक भारतीय नागरिक को इजरायली खुफिया एजेंसी मोसाद का जासूस बताकर गिरफ्तार किया गया है।
दरअसल, सोशल मीडिया पर एक पोस्ट तेजी से वायरल हो रही थी जिसमें दावा किया गया कि सऊदी अरब की सुरक्षा एजेंसियों ने मोसाद से जुड़े दो एजेंटों को गिरफ्तार किया है, जिनमें एक भारतीय नागरिक भी शामिल है। पोस्ट में यह भी आरोप लगाया गया कि ये एजेंट बम धमाकों की साजिश रच रहे थे और इसका आरोप ईरान पर डालने की योजना बना रहे थे।
इस वायरल दावे पर प्रतिक्रिया देते हुए विदेश मंत्रालय ने साफ कहा कि इस तरह के आरोपों के समर्थन में कोई विश्वसनीय सबूत मौजूद नहीं है। मंत्रालय ने सोशल मीडिया पर फैल रही इस जानकारी को पूरी तरह फर्जी बताते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
Please stay alert against such preposterous and unsubstantiated claims on social media! pic.twitter.com/GZ7Q9uzIOl
— MEA FactCheck (@MEAFactCheck) March 7, 2026
विदेश मंत्रालय ने कहा, “सोशल मीडिया पर इस तरह के हास्यास्पद और बिना आधार वाले दावों से सावधान रहें।” अधिकारियों के मुताबिक, किसी भी आधिकारिक स्रोत या विश्वसनीय रिपोर्ट से यह पुष्टि नहीं हुई है कि सऊदी अरब में किसी भारतीय नागरिक को इस तरह के आरोप में हिरासत में लिया गया है।
‘Amoxicillin’ अकाउंट से फैली अफवाह
जानकारी के अनुसार, यह भ्रामक दावा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर ‘Amoxicillin’ नाम के अकाउंट से पोस्ट किया गया था। इस अकाउंट का रिकॉर्ड बताता है कि यह पहले भी कई बार राजनीतिक झुकाव वाले और अपुष्ट दावे शेयर करता रहा है।
बताया जा रहा है कि इस अकाउंट से अक्सर राजनीतिक पोस्ट साझा किए जाते हैं, जिनमें कांग्रेस पार्टी से जुड़े नैरेटिव को बढ़ावा दिया जाता है। कई पोस्ट में लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की तारीफ की जाती है, जबकि कुछ पोस्ट में बीजेपी और उसके समर्थकों पर निशाना साधते हुए ‘सांघी इकोसिस्टम’ और ‘भक्त’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल भी किया गया है।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
विदेश मंत्रालय ने कहा कि पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के माहौल में सोशल मीडिया पर गलत जानकारी तेजी से फैलती है। ऐसे समय में लोगों को किसी भी खबर पर भरोसा करने से पहले उसकी पुष्टि करना बेहद जरूरी है। मंत्रालय ने नागरिकों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक और विश्वसनीय स्रोतों से ही जानकारी लें।
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