गुजरात के जूनागढ़ ज़िले के विसावदर तालुका स्थित मंडावद में एक मूंगफली खरीद केंद्र पर आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और वहाँ काम कर रहे श्रमिकों के बीच तीखी झड़प हो गई। घटना के बाद एक मज़दूर की पत्नी के साथ कथित तौर पर जातिसूचक गाली-गलौज, मारपीट और उत्पीड़न के आरोप लगे हैं। इस मामले में तीन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, जिनमें AAP के जिला अध्यक्ष हरेश सावलिया का नाम भी शामिल है।
पुलिस के निर्देश के बाद AAP विधायक गोपाल इटालिया रविवार (28 दिसंबर 2025) को पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ थाने पहुँचे। हरेश सावलिया और अन्य आरोपितों को अधिकारियों के समक्ष पेश होने को कहा गया था। इसी दौरान थाने में एक महिला पुलिस अधिकारी और गोपाल इटालिया के बीच तीखी बहस हो गई। AAP समर्थकों के हंगामे के कारण स्थिति और तनावपूर्ण हो गई। पुलिस अधिकारी ने सभी से शांत और सम्मानजनक तरीके से बात करने का आग्रह किया, लेकिन गोपाल इटालिया काफ़ी आक्रोशित दिखाई दिए।
इसी बहस के दौरान, पार्टी कार्यकर्ताओं के उकसावे पर गोपाल इटालिया महिला पुलिस अधिकारी के पैरों में गिर पड़े। इस व्यवहार पर महिला अधिकारी ने आपत्ति जताई और वहाँ से चली गईं। इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेज़ी से वायरल हो गया है। वीडियो में गोपाल इटालिया यह कहते सुनाई देते हैं कि “झूठी शिकायत दर्ज की गई है” और वे पुलिस से सबूत दिखाने की मांग कर रहे हैं।
मीडिया से बातचीत में विसावदर के ASP रोहित डागर ने बताया कि घटना के समय मूंगफली खरीद केंद्र पर खरीद प्रक्रिया चल रही थी। इसी दौरान AAP के नेता और कार्यकर्ता वहाँ पहुँचे। मूंगफली को बोरियों में भरने जैसे एक छोटे मुद्दे को लेकर श्रमिकों से बहस शुरू हुई, जो धीरे-धीरे हिंसक झड़प में बदल गई। आरोप है कि एक मज़दूर के साथ मारपीट की गई, उसकी पत्नी को धक्का दिया गया और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस के अनुसार, इस घटना से जुड़े वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं।
FIR दर्ज होने के बाद विधायक गोपाल इटालिया ने हरेश सावलिया और अन्य आरोपितों को माला पहनाई और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं के साथ रैली के रूप में पुलिस स्टेशन पहुँचे। आरोप है कि शिकायत दर्ज होने के बावजूद इटालिया और उनके समर्थकों ने थाने में प्रदर्शन किया और BJP पर साज़िश का आरोप लगाया। इटालिया का कहना है कि यह मामला किसानों की आवाज़ उठाने वालों को जेल में डालने की राजनीतिक साज़िश है।
वहीं, पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मज़दूरों के खिलाफ हुए कथित अपराधों में कानून के अनुसार कार्रवाई की जा रही है। दूसरी ओर, गोपाल इटालिया का आरोप है कि कानून का दुरुपयोग कर झूठे अत्याचार और उत्पीड़न के मामले दर्ज किए गए हैं।
इस प्रकरण में जूनागढ़ के पुलिस अधीक्षक (SC/ST सेल) रविसेज सिंह परमार ने आरोपितों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस जारी कर पूछताछ के लिए तलब किया है। शिकायत में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं 75(2), 115(2), 296(B), 351(33) और 54 के साथ-साथ अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम की धारा 3(1)(R)(S) भी लगाई गई हैं। पुलिस ने हरेश सावलिया सहित तीन लोगों के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है और मामले की जाँच जारी है।
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