नेपाल में हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। पूर्व प्रधानमंत्री और नेपाली कांग्रेस के अध्यक्ष शेर बहादुर देउबा पर प्रदर्शनकारियों ने हमला कर दिया। इस दौरान उनकी पत्नी और विदेश मंत्री आरजू राणा देउबा भी निशाने पर आ गईं। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शेर बहादुर देउबा को लहूलुहान हालत में देखा जा सकता है। उन्हें भीड़ से जान बचाकर भागते हुए निकलना पड़ा।
हिंसक प्रदर्शन के बीच नेपाल के वित्त मंत्री विष्णु पौडेल पर भी हमला हुआ। प्रदर्शनकारियों ने उन्हें सड़क पर दौड़ाया और पीटा। दरअसल, सोशल मीडिया पर बैन और भ्रष्टाचार के खिलाफ युवाओं का आंदोलन हिंसक रूप ले चुका है। नेपाल के कई शहरों में युवाओं ने तोड़फोड़ और आगजनी की। इस विरोध ने सरकार की नींव हिला दी है।
बिगड़ते हालात के चलते सबसे पहले गृह मंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव ने इस्तीफा दिया। लेकिन जब हालात काबू में नहीं आए तो प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली को भी पद छोड़ना पड़ा। गुस्साई भीड़ ने संसद भवन में घुसकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पूर्व प्रधानमंत्रियों पुष्प कमल दहल ‘प्रचंड’ और शेर बहादुर देउबा के घरों पर भी हमला हुआ। इसके अलावा, गृह मंत्री रमेश लेखक और संचार मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग के घरों को जला दिया गया। पुलिस ने बल प्रयोग किया, लेकिन स्थिति नियंत्रण से बाहर होती जा रही है। अब तक की हिंसा में 21 लोगों की मौत हो चुकी है और सैकड़ों लोग घायल हुए हैं।
इस बीच, जनाक्रोश को देखते हुए नेपाल सरकार ने सोशल मीडिया पर लगाए गए प्रतिबंध को हटा लिया है। संचार, सूचना एवं प्रसारण मंत्री पृथ्वी सुब्बा गुरुंग ने आपात कैबिनेट बैठक के बाद यह घोषणा की। उन्होंने कहा कि सूचना मंत्रालय ने संबंधित एजेंसियों को ‘जेन-जी’ की मांगों के अनुसार सोशल मीडिया साइटों को दोबारा शुरू करने का आदेश दिया है। गौरतलब है कि तीन दिन पहले ही नेपाल सरकार ने फेसबुक और ‘एक्स’ सहित 26 सोशल मीडिया साइटों पर बैन लगाया था क्योंकि उन्होंने नेपाल सरकार के साथ पंजीकरण नहीं कराया था।