नेपाल में मंगलवार को लगातार दूसरे दिन भी हालात बेकाबू रहे। राजधानी काठमांडू और आसपास के इलाकों में Gen-Z बैनर तले छात्रों और युवाओं के नेतृत्व में हिंसक प्रदर्शन जारी रहा। गुस्साए प्रदर्शनकारियों ने न केवल राजधानी की सड़कों पर उत्पात मचाया बल्कि देश की राजनीतिक व्यवस्था के कई बड़े प्रतीकों को निशाना बनाया। पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के भक्तपुर जिले के बालकोट स्थित आवास पर भीड़ ने धावा बोलकर उसे आग के हवाले कर दिया। हालात इतने बिगड़े कि प्रदर्शनकारियों ने राष्ट्रपति भवन में भी आग लगा दी और वहां पर तोड़फोड़ की। शहर के कई हिस्सों में बमबाजी जैसी स्थिति बनी रही, पुलिस और सुरक्षा बलों के प्रयास भीड़ को काबू करने में नाकाम रहे।
इस बीच पूर्व प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली, जो पहले ही अपने पद से इस्तीफा दे चुके हैं, ने देश की जनता को संबोधित करते हुए एक भावुक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद थी कि युवा शांतिपूर्ण तरीके से अपनी आवाज उठाएंगे, लेकिन “कुछ स्वार्थी और निहित तत्वों” ने आंदोलन में घुसपैठ कर हिंसा फैलाई। ओली ने दुख जताया कि इस हिंसा में नागरिकों की जानें गईं। उनका बयान ऐसे समय आया है जब राजधानी और अन्य शहरों में अराजकता का माहौल बना हुआ है और लोग सरकार के खिलाफ लगातार गुस्सा निकाल रहे हैं।
#WATCH | Nepal: Protestors set the Parliament on fire as the protest turned violent in Kathmandu.
The Nepali PM resigned this afternoon amid demonstrations against the Government over alleged corruption. pic.twitter.com/sa1riu9Mu9
— ANI (@ANI) September 9, 2025
नेपाल में प्रदर्शन किस हद तक हिंसक हो चुका है, इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि प्रदर्शनकारियों ने वित्त मंत्री विष्णु प्रसाद पौडेल पर हमला कर दिया। गुस्साई भीड़ ने उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। इस घटना के बाद सरकार के कई मंत्रियों ने इस्तीफा दे दिया। गृहमंत्री रमेश लेखक, कृषि मंत्री रामनाथ अधिकारी, स्वास्थ्य मंत्री प्रदीप पौडेल और जल आपूर्ति मंत्री प्रदीप यादव ने अपने पद छोड़ दिए हैं। इससे साफ है कि सरकार भीतर से टूट रही है और प्रशासन की पकड़ पूरी तरह कमजोर हो चुकी है।
इसी बीच, काठमांडू के मेयर और चर्चित म्यूजिक रैपर बलेन शाह ने आंदोलनकारियों से शांति बनाए रखने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया पर लिखा कि देश की संपत्ति को नुकसान पहुंचाना समाधान नहीं है और इस तरह की हिंसा से केवल आम जनता को परेशानी होगी। बलेन ने यह भी कहा कि सेना प्रमुख से बातचीत जारी है और अब जबकि “आपके हत्यारे” यानी ओली इस्तीफा दे चुके हैं, युवाओं को जिम्मेदारी लेकर देश को आगे बढ़ाना होगा। उनकी अपील के बावजूद, चर्चा यह है कि आक्रोशित युवा आंदोलनकारी बलेन को ही अगला प्रधानमंत्री बनाना चाहते हैं, क्योंकि उन्हें लगता है कि यह नया चेहरा उनकी पीढ़ी का प्रतिनिधित्व करेगा और भ्रष्ट व्यवस्था से अलग रास्ता दिखाएगा।
#WATCH | Nepal: Protestors set the Parliament building on fire as the protest turned violent in Kathmandu.
The Nepali PM resigned this afternoon amid demonstrations against the Government over alleged corruption. pic.twitter.com/UG50szWE25
— ANI (@ANI) September 9, 2025
नेपाल इस समय गंभीर राजनीतिक और सामाजिक संकट से गुजर रहा है। सत्ता के शीर्ष पर अस्थिरता, मंत्रियों के इस्तीफे और बढ़ती हिंसा से देश की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी नेपाल के हालात को लेकर चिंता बढ़ रही है, जबकि देश के भीतर लोग यह मांग कर रहे हैं कि एक अंतरिम सरकार का गठन किया जाए और नए सिरे से चुनाव कराकर लोकतांत्रिक व्यवस्था को पुनः स्थापित किया जाए।
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