गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड यानी ATS ने प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से कथित तौर पर जुड़े 8 संदिग्ध आरोपियों को गुजरात और मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से गिरफ्तार किया है। ATS के अनुसार, ये आरोपी गुजरात में आतंकी संगठन का सक्रिय नेटवर्क खड़ा करने की कोशिश कर रहे थे, ताकि संगठन की गतिविधियों को आगे बढ़ाया जा सके। इस कार्रवाई को राज्य की सुरक्षा एजेंसियों की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
गुजरात ATS ने इस मामले में सभी 8 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, आरोपियों पर UAPA की धारा 13, 17, 18, 38, 39 और भारतीय न्याय संहिता यानी BNS की धारा 148 और 61 के तहत मामला दर्ज किया गया है। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और उनके नेटवर्क, संपर्क, फंडिंग और डिजिटल गतिविधियों की जांच जारी है।
गुजरात और मध्य प्रदेश में एकसाथ कार्रवाई
ATS ने गुजरात और मध्य प्रदेश के कई जिलों में एकसाथ कार्रवाई करते हुए इन संदिग्धों को पकड़ा। रिपोर्ट्स के मुताबिक, गुजरात के बनासकांठा जिले के पालनपुर इलाके से कुछ आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि एक आरोपी को मध्य प्रदेश के देवास जिले से पकड़ा गया। जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह नेटवर्क कब से सक्रिय था और इसके पीछे कौन-कौन लोग मददगार थे।
ATS अधिकारी के अनुसार, गिरफ्तार किए गए आरोपी प्रतिबंधित आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े होने के आरोप में पकड़े गए हैं और गुजरात में संगठन का सक्रिय नेटवर्क बनाने के लिए काम कर रहे थे। अधिकारियों का कहना है कि इस नेटवर्क का उद्देश्य आतंकी गतिविधियों को आगे बढ़ाना हो सकता था, इसलिए पूरे मामले की जांच राष्ट्रीय सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर मानी जा रही है।
Eight accused associated with the proscribed terror organisation Jaish-e-Mohammed (JeM) arrested from various districts of Gujarat and Madhya Pradesh. They were actively working on behalf of Jaish-e-Mohammed to set up an active network in the state of Gujarat to further its… pic.twitter.com/69J5WRWVKN
— ANI (@ANI) July 3, 2026
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
गुजरात ATS द्वारा पकड़े गए आरोपियों में अहमद पुत्र अब्दुल्ला गाजीवाला, इब्राहिम पुत्र मोहम्मद हुसैन घाघा, मुदस्सिर पुत्र अब्दुल्ला गाजीवाला, ज़कारिया दुरानी पुत्र मोहम्मद अम्मार घाघा, मुफ्ती फौजान पुत्र इस्माइल दौवा, मोहम्मद अमीन शेरा, मोहम्मद अब्दुल पुत्र रहमान सावदी और बिलाल मोहम्मद पुत्र अम्मार घाघा के नाम सामने आए हैं।
इन सभी आरोपियों से ATS की टीमें अलग-अलग एंगल से पूछताछ कर रही हैं। जांच में यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों का आपसी संपर्क कैसे हुआ, वे किसके निर्देश पर काम कर रहे थे और गुजरात में नेटवर्क तैयार करने की जिम्मेदारी किसे दी गई थी।
डिजिटल रिकॉर्ड और वित्तीय लेनदेन की जांच
गुजरात ATS अब आरोपियों के मोबाइल फोन, सोशल मीडिया अकाउंट, चैटिंग ऐप्स, कॉल रिकॉर्ड, ईमेल, बैंक खातों और डिजिटल डिवाइस की गहन जांच कर रही है। जांच एजेंसियों को उम्मीद है कि डिजिटल रिकॉर्ड से इस नेटवर्क की बड़ी कड़ियाँ सामने आ सकती हैं।
इसके अलावा आरोपियों के खातों से हुए वित्तीय लेनदेन की भी जांच की जा रही है। ATS यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस कथित नेटवर्क को पैसा कहाँ से मिल रहा था, क्या इसमें किसी विदेशी हैंडलर की भूमिका थी और क्या स्थानीय स्तर पर किसी ने आर्थिक या लॉजिस्टिक मदद की थी।
गुजरात में नेटवर्क खड़ा करने की साजिश का आरोप
ATS के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी गुजरात में जैश-ए-मोहम्मद का एक सक्रिय नेटवर्क स्थापित करने की कोशिश कर रहे थे। जांच में यह भी देखा जा रहा है कि क्या इन आरोपियों ने किसी धार्मिक कार्यक्रम, भीड़भाड़ वाले स्थान, संवेदनशील इलाके या सार्वजनिक कार्यक्रमों को लेकर कोई रेकी या प्लानिंग की थी।
रिपोर्ट्स में यह भी कहा गया है कि यह कार्रवाई अहमदाबाद की भगवान जगन्नाथ रथयात्रा से पहले सुरक्षा एजेंसियों की सतर्कता के बीच हुई है। हालांकि, किसी विशेष हमले की योजना को लेकर अंतिम पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगी।
आगे और गिरफ्तारियाँ संभव
पूछताछ के आधार पर ATS इस पूरे मॉड्यूल से जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश कर रही है। जांच एजेंसियां यह देख रही हैं कि आरोपियों के संपर्क किन राज्यों तक फैले थे और क्या इस नेटवर्क का कनेक्शन किसी पुराने मामले या सीमा पार स्थित हैंडलरों से है।
यदि डिजिटल रिकॉर्ड, वित्तीय लेनदेन या पूछताछ में नए नाम सामने आते हैं, तो आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियाँ हो सकती हैं। फिलहाल ATS ने पूरे मामले को संवेदनशील मानते हुए जांच का दायरा बढ़ा दिया है।
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