अयोध्या के श्री राम मंदिर में दानपात्र से चढ़ावे की कथित चोरी के मामले पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने पहली बार आधिकारिक प्रतिक्रिया दी है। RSS के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने इस घटना को अत्यंत दुखद और निंदनीय बताते हुए कहा कि इससे करोड़ों राम भक्तों की आस्था और श्रद्धा को गहरा आघात पहुँचा है। उन्होंने कहा कि जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँ, उन्हें कठोर दंड मिलना चाहिए।
संघ की ओर से जारी बयान में कहा गया कि अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि पीढ़ियों के संघर्ष, त्याग, बलिदान और करोड़ों राम भक्तों की आस्था का प्रतीक है। ऐसे पवित्र स्थल पर दानपात्रों से जुड़ी चोरी या वित्तीय गड़बड़ी की घटना पूरे समाज के लिए पीड़ादायक है।
दत्तात्रेय होसबाले ने क्या कहा?
RSS सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि श्री रामलला मंदिर में रखे दानपात्रों में जमा राशि की चोरी की दुर्भाग्यपूर्ण घटना से समूचे समाज और राम भक्तों की भावनाओं को ठेस पहुँची है। उन्होंने इसे ऐसी घटना बताया, जिससे सभी लोग आहत हैं।
हॉसबाले ने जोर देकर कहा कि इस मामले को सामान्य चोरी की तरह नहीं देखा जाना चाहिए। मंदिर प्रबंधन और शासन को इसे असाधारण और अत्यंत गंभीर विषय मानते हुए व्यवस्था की सभी कमियों को दूर करना चाहिए, ताकि राम भक्तों का विश्वास और आस्था पहले की तरह अडिग बनी रहे।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले द्वारा जारी किया गया वक्तव्य :
(नई दिल्ली, 3 जुलाई 2026)
श्री राम जन्मभूमि पर निर्मित भव्य मंदिर पीढ़ियों के संघर्ष और करोड़ों रामभक्तों के समर्पण, त्याग एवं बलिदान के कारण संपूर्ण हिन्दू समाज के लिए श्रद्धा, आस्था और… pic.twitter.com/5T72nmx87T
— RSS (@RSSorg) July 3, 2026
SIT जाँच और सख्त कार्रवाई की मांग
श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास के आग्रह के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने इस मामले की जाँच के लिए विशेष जाँच दल यानी SIT का गठन किया है। रिपोर्ट्स के अनुसार, SIT की जाँच के आधार पर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि जाँच में जो भी दोषी पाए जाएँ, उन्हें कठोर दंड मिलना सुनिश्चित किया जाना चाहिए। RSS का मानना है कि राम मंदिर से जुड़े आर्थिक प्रबंधन में पारदर्शिता, जवाबदेही और धार्मिक पवित्रता सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
मंदिर प्रबंधन से पारदर्शी व्यवस्था की अपेक्षा
RSS ने कहा कि मंदिर की वित्तीय व्यवस्था, दान संग्रह, गिनती, रिकॉर्ड और सुरक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाया जाना चाहिए। संघ ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट से अपेक्षा जताई कि वह इस घटना को गंभीर संकेत मानते हुए प्रबंधन में सुधार के लिए ठोस कदम उठाए।
संघ के अनुसार, राम मंदिर करोड़ों हिंदुओं की आस्था का केंद्र है। इसलिए मंदिर से जुड़े हर आर्थिक और प्रशासनिक निर्णय में पूर्ण पारदर्शिता होनी चाहिए। दानपात्रों की सुरक्षा, गिनती की प्रक्रिया, निगरानी व्यवस्था और ऑडिट सिस्टम को मजबूत करना समय की जरूरत है।
भ्रम और असमंजस खत्म करने की अपील
दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि वर्तमान में बने भ्रम और असमंजस की स्थिति समाप्त होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मंदिर प्रबंधन और SIT को सभी आवश्यक कदम उठाकर सच्चाई सामने लानी चाहिए। इससे न केवल दोषियों पर कार्रवाई होगी, बल्कि भक्तों के मन में उठे सवालों का भी समाधान होगा।
RSS ने साफ कहा कि इस घटना से पैदा हुई शंका को दूर करने की जिम्मेदारी मंदिर प्रबंधन और जाँच एजेंसियों दोनों की है। निष्पक्ष जाँच, पारदर्शी कार्रवाई और स्पष्ट संवाद से ही समाज का विश्वास मजबूत रहेगा।
हिंदू समाज से धैर्य और संयम रखने की अपील
RSS ने पूरे हिंदू समाज से इस संवेदनशील समय में धैर्य और संयम बनाए रखने की अपील की है। दत्तात्रेय होसबाले ने कहा कि समाज को भावनात्मक प्रतिक्रिया के बजाय जाँच और कानूनी प्रक्रिया पर भरोसा रखना चाहिए।
उन्होंने चेतावनी दी कि कुछ हिंदू विरोधी और राष्ट्र विरोधी शक्तियाँ इस दुर्भाग्यपूर्ण घटना का लाभ उठाकर हिंदू धर्म, हिंदू समाज और राम मंदिर को बदनाम करने की कोशिश कर सकती हैं। ऐसे प्रयासों को सफल नहीं होने देना चाहिए।
दानपात्र चोरी मामला क्यों संवेदनशील है?
राम मंदिर देश के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़ा हुआ है। मंदिर निर्माण आंदोलन दशकों तक चला और इसके लिए असंख्य लोगों ने संघर्ष किया। ऐसे में मंदिर के चढ़ावे या दानपात्र से जुड़ा कोई भी विवाद केवल आर्थिक मामला नहीं, बल्कि धार्मिक विश्वास और सार्वजनिक जवाबदेही से जुड़ा गंभीर विषय बन जाता है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस मामले में अब तक कई लोगों की गिरफ्तारी और नकदी बरामदगी की जानकारी सामने आई है। SIT जाँच अब इस बात की पड़ताल कर रही है कि कथित चोरी किस स्तर पर हुई, इसमें कौन-कौन शामिल था और मंदिर की आंतरिक व्यवस्था में कहाँ कमी रह गई।
आगे क्या होगा?
अब सबकी नजर SIT की विस्तृत जाँच रिपोर्ट और मंदिर ट्रस्ट के अगले कदमों पर है। यदि जाँच में किसी कर्मचारी, एजेंसी या अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही मंदिर की दान व्यवस्था और सुरक्षा प्रणाली में सुधार की संभावना भी जताई जा रही है।
RSS के बयान के बाद यह मामला और ज्यादा चर्चा में आ गया है। संघ ने एक ओर दोषियों को कठोर दंड देने की मांग की है, वहीं दूसरी ओर समाज से संयम रखते हुए हिंदू विरोधी नैरेटिव को विफल करने की अपील भी की है।
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