गुजरात के अमरेली जिले की एक सत्र अदालत ने सोमवार (10 नवंबर 2025) को गोहत्या के एक मामले में तीन आरोपितों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि तीनों ने यह अपराध पूरी जानकारी के साथ किया कि गाय हिंदू धर्म में अत्यंत पवित्र मानी जाती है। मंगलवार (11 नवंबर 2025) को आए इस फैसले को राज्य सरकार ने “ऐतिहासिक” बताया और कहा कि ऐसे अपराधों पर किसी भी तरह की नरमी नहीं बरती जाएगी।
जानकारी के अनुसार, जिला एवं सत्र न्यायाधीश रिजवाना बुखारी ने तीन आरोपितों—कासिम हाजी सोलंकी, सत्तार इस्माइल सोलंकी और अकरम हाजी सोलंकी—को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर कुल 18 लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया गया। यह गुजरात में पहला ऐसा मामला माना जा रहा है, जिसमें गोहत्या के अपराध पर आजीवन कारावास की सजा दी गई है।
देश के इतिहास में पहली बार गौहत्या के आरोपी को आजीवन कारावास की सज़ा दी गई है।
यह सिर्फ़ फैसला नहीं, बल्कि एक संदेश है
कि गौमाता, जो हमारी आस्था और संस्कृति का प्रतीक हैं, उनके साथ अन्याय करने वालों को छोड़ेंगे नहीं।
जब माननीय प्रधानमंत्री श्री @narendramodi जी गुजरात के… pic.twitter.com/jA9FSYokjS
— Harsh Sanghavi (@sanghaviharsh) November 12, 2025
पुलिस जाँच में सामने आया कि वर्ष 2023 में अमरेली शहर में इन तीनों ने वित्तीय लाभ के उद्देश्य से गायों की हत्या की थी। छापेमारी के दौरान करीब 40 किलो गोमांस और वध में इस्तेमाल किए गए औजार बरामद किए गए थे। अदालत ने माना कि यह अपराध न केवल कानून के खिलाफ था बल्कि धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने वाला भी था।
राज्य सरकार के प्रवक्ता जीतू वघानी ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल की सरकार “गोरक्षा के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध” है। उन्होंने याद दिलाया कि नरेंद्र मोदी के मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान वर्ष 2011 में गोसंवर्धन कानून को सख्त बनाया गया था, और वर्ष 2017 में संशोधन कर इसमें आजीवन कारावास की सजा का प्रावधान जोड़ा गया था।
हमारी यूट्यूब चैनल को लाइक, शेयर और सब्सक्राइब करे
Like, Share and Subscribe our YouTube channel