नेपाल में लगातार हो रही भारी बारिश के कारण प्राकृतिक आपदाओं का खतरा गंभीर होता जा रहा है। रोल्पा और जाजरकोट जिलों में पिछले चार दिनों के दौरान हुए भीषण भूस्खलनों में कुल 21 लोगों की मौत हो गई है। एक व्यक्ति अब भी लापता बताया जा रहा है, जबकि 11 लोग घायल हुए हैं। आपके साझा किए गए नेपाल के राष्ट्रीय आपदा जोखिम न्यूनीकरण एवं प्रबंधन प्राधिकरण (NDRRMA) के अपडेट के अनुसार, प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान जारी है।
नेपाल में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। इससे पहाड़ी इलाकों में जमीन कमजोर होने के साथ कई जगह भूस्खलन का खतरा बढ़ गया है। NDRRMA नेपाल में आपदा संबंधी घटनाओं और चेतावनियों की निगरानी करने वाली आधिकारिक संस्था है।
रोल्पा में सबसे ज्यादा तबाही, 17 लोगों की मौत
आपके साझा अपडेट के अनुसार, रोल्पा जिले के थवांग, सुनछहरी और लुंग्री ग्रामीण नगरपालिकाओं में भारी बारिश के बाद बड़े पैमाने पर भूस्खलन हुआ है। इन अलग-अलग घटनाओं में अब तक 17 लोगों की जान चली गई है।
सबसे ज्यादा नुकसान थवांग ग्रामीण नगरपालिका में हुआ, जहां भूस्खलन की चपेट में आने से कुल 12 लोगों की मौत होने की जानकारी दी गई है। एक व्यक्ति अब भी लापता है और दो लोग गंभीर रूप से घायल बताए गए हैं।
थवांग में 13 अगस्त को आई शुरुआती रिपोर्टों में तीन लोगों की मौत और 10 लोगों के लापता होने की जानकारी सामने आई थी। बाद में खोज और बचाव अभियान के दौरान मृतकों की संख्या बढ़ती गई। इससे स्पष्ट है कि हादसे के बाद casualty figures लगातार अपडेट हुए।
सुनछहरी में 4 और लुंग्री में 1 व्यक्ति की मौत
रोल्पा के ही सुनछहरी ग्रामीण नगरपालिका में चार लोगों की मौत होने की जानकारी है, जबकि लुंग्री ग्रामीण नगरपालिका में एक व्यक्ति की जान गई है।
अलग-अलग इलाकों में बारिश से घरों के दबने और मलबे की चपेट में आने की घटनाएं सामने आई हैं। 16 अगस्त की एक स्थानीय रिपोर्ट में लुंग्री ग्रामीण नगरपालिका के वार्ड नंबर 5 में एक 72 वर्षीय महिला की भूस्खलन से मौत होने की पुष्टि की गई थी।
जाजरकोट के भेरी क्षेत्र में 4 लोगों की मौत
जाजरकोट जिले की भेरी नगरपालिका में भी लगातार बारिश के कारण भूस्खलन हुआ है। आपके साझा NDRRMA अपडेट के मुताबिक यहां चार लोगों की मौत हुई है।
जाजरकोट से आई शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों में भेरी नगरपालिका-2 और आसपास के क्षेत्रों में लोगों के मलबे में दबने, घायल होने और घरों के क्षतिग्रस्त होने की सूचना दी गई थी। वहां नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और नेपाली सेना को खोज एवं बचाव अभियान में लगाया गया।
राहत और बचाव कार्य में सुरक्षा बल तैनात
आपके साझा प्राधिकरण अपडेट के मुताबिक प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव कार्य के लिए स्थानीय निकायों, रेडक्रॉस और सुरक्षा कर्मियों को तैनात किया गया है। लापता लोगों की तलाश और प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने का अभियान चलाया जा रहा है।
पहले की रिपोर्टों में भी रोल्पा के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन, नेपाल पुलिस, सशस्त्र पुलिस बल और स्थानीय लोगों द्वारा संयुक्त खोज अभियान चलाए जाने की पुष्टि हुई थी।
भूस्खलन के कारणों की होगी भूगर्भीय जांच
प्राधिकरण ने प्रभावित क्षेत्रों में हुए भूस्खलनों का अध्ययन करने के लिए एक समिति गठित करने की जानकारी भी दी है। आपके साझा विवरण के अनुसार यह टीम भेरी नगरपालिका और बाजुरा की त्रिवेणी नगरपालिका समेत प्रभावित इलाकों का भूगर्भीय अध्ययन करेगी।
समिति को तीन दिनों के भीतर घटनास्थल पर पहुंचकर परिस्थितियों की जांच करने के निर्देश दिए गए हैं। जांच में यह जानने की कोशिश की जाएगी कि लगातार बारिश के अलावा स्थानीय भूगर्भीय परिस्थितियों ने भूस्खलन की गंभीरता को किस हद तक प्रभावित किया।
नेपाल के पहाड़ी इलाकों में बढ़ा खतरा
लगातार मानसूनी बारिश के कारण नेपाल के हिमालयी और पहाड़ी इलाकों की मिट्टी कई जगह अत्यधिक गीली और कमजोर हो गई है। ऐसी स्थिति में नई जगहों पर भूस्खलन होने का जोखिम भी बढ़ जाता है।
इसके अलावा निचले इलाकों में बाढ़, अचानक आने वाली फ्लैश फ्लड, मलबे का तेज बहाव और जलभराव भी गंभीर खतरा बन सकते हैं। इसी वजह से आपदा प्रबंधन अधिकारियों ने मानसून के दौरान लोगों से अतिरिक्त सतर्कता बरतने की अपील की है।
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