इजरायल और लेबनान के बीच जारी तनाव के बीच गुरुवार (9 अप्रैल 2026) को बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। इजरायली रक्षा बल (IDF) ने दावा किया है कि उसने लेबनान की राजधानी बेरूत में एक हवाई हमले के दौरान अली यूसुफ हर्षी को मार गिराया है, जो हिजबुल्लाह प्रमुख नईम कासिम का भतीजा और करीबी सहयोगी बताया जा रहा है।
IDF का दावा: हिजबुल्लाह के अंदर अहम भूमिका
इजरायली रक्षा बल (IDF) के अनुसार, अली यूसुफ हर्षी संगठन के शीर्ष नेतृत्व के भीतर काम करता था और वह नईम कासिम का निजी सचिव तथा सलाहकार था।
बताया गया है कि हर्षी न केवल संगठन की रणनीतिक गतिविधियों में शामिल था, बल्कि सुरक्षा प्रबंधन की जिम्मेदारी भी संभालता था।
צה"ל חיסל בביירות את מזכירו של מזכ"ל ארגון הטרור חיזבאללה נעים קאסם: שורת תשתיות טרור הותקפו הלילה בדרום לבנון
צה"ל תקף וחיסל אתמול את עלי יוסף חרשי, מזכירו האישי של מזכ"ל ארגון הטרור חיזבאללה, ואחיינו של נעים קאסם במרחב ביירות.
חראשי היה מקורב ויועץ אישי למזכ"ל חיזבאללה נעים…
— צבא ההגנה לישראל (@idfonline) April 9, 2026
दक्षिण लेबनान में कई ठिकाने भी निशाने पर
इजरायल ने इस एयरस्ट्राइक के साथ-साथ दक्षिण लेबनान में हिजबुल्लाह के कई ठिकानों पर भी हमले किए।
इनमें शामिल हैं:
- हथियार भंडारण स्थल
- मिसाइल लॉन्चर्स
- कमांड और कंट्रोल सेंटर
IDF का कहना है कि इन हमलों का उद्देश्य हिजबुल्लाह की सैन्य क्षमता को कमजोर करना है।
अनुवाद की गलती से फैली भ्रम की स्थिति
इस हमले के बाद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (Twitter) पर IDF के बयान के अनुवाद में हुई गलती के कारण भ्रम की स्थिति पैदा हो गई।
कुछ अंतरराष्ट्रीय मीडिया संस्थानों ने गलती से नईम कासिम के मारे जाने की खबर चला दी, जिसे बाद में सुधार लिया गया।
हिजबुल्लाह की ओर से नहीं आई पुष्टि
अब तक हिजबुल्लाह की ओर से इस हमले या अली हर्षी की मौत की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है, जिससे स्थिति और अधिक संवेदनशील बनी हुई है।
संघर्षविराम का असर नहीं, इजरायल का सख्त रुख
इजरायल ने स्पष्ट कर दिया है कि ईरान के साथ हुए संघर्षविराम का असर हिजबुल्लाह के खिलाफ उसकी सैन्य कार्रवाई पर नहीं पड़ेगा।
इस बयान के बाद मध्य-पूर्व में तनाव और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।
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