बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (एमएनएस) प्रमुख राज ठाकरे को बिहार आने की खुली चुनौती देते हुए तीखा हमला बोला है। मुंबई में मराठी न बोलने पर हिंदीभाषियों के साथ हुई मारपीट की घटनाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए दुबे ने कहा कि अगर राज ठाकरे में हिम्मत है तो बिहार आएं, यहां उन्हें पटक-पटक कर मारा जाएगा। गुवाहाटी में एक न्यूज एजेंसी को दिए इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि “अपने घर में तो कुत्ता भी शेर होता है, लेकिन बाहर आकर देखो कौन कुत्ता है और कौन शेर।”
दुबे ने ठाकरे पर निशाना साधते हुए कहा कि महाराष्ट्र में जो आर्थिक व्यवस्था है, उसमें बिहार, झारखंड, छत्तीसगढ़ और ओडिशा जैसे राज्यों का बड़ा योगदान है। उन्होंने कहा, “आप किसकी रोटी खा रहे हो? टाटा, बिरला, रिलायंस की यूनिटें महाराष्ट्र में नहीं हैं, टाटा ने पहली फैक्ट्री बिहार में बनाई थी। सारे माइंस हमारे पास हैं, आपके पास क्या है?” उन्होंने यह भी कहा कि “हमारे पैसे पर पल रहे हो और हिंदीभाषियों को मार रहे हो?”
#WATCH | Guwahati, Assam | On Raj Thackeray's remark 'beat but don't make a video', BJP MP Nishikant Dubey says, "…You people are surviving on our money. What kind of industries do you have?… If you are courageous enough and beat those who speak Hindi, then you should beat… pic.twitter.com/gRvAjtD0iW
— ANI (@ANI) July 7, 2025
राज ठाकरे के उस बयान पर जिसमें हिंदीभाषियों पर टिप्पणी की गई थी, निशिकांत दुबे ने पलटवार करते हुए कहा कि “अगर हिम्मत है तो महाराष्ट्र में उर्दू भाषियों, तमिल, तेलुगू भाषियों पर हमला करके दिखाओ।” उन्होंने कहा कि “तुम अपने घर में हो इसलिए उछल रहे हो, बिहार या उत्तर प्रदेश में आओ तो तुम्हें पता चलेगा।”
हालांकि, दुबे ने यह भी स्पष्ट किया कि मराठी भाषा और मराठा वीरों का वह सम्मान करते हैं, उन्होंने कहा कि “हम छत्रपति शिवाजी महाराज, शाहू जी, तिलक, गोपाल कृष्ण गोखले, लाजपत राय जैसे सभी स्वतंत्रता सेनानियों का आदर करते हैं।” लेकिन राज ठाकरे और उद्धव ठाकरे पर वोटबैंक की घटिया राजनीति करने का आरोप लगाते हुए कहा कि “यह सब आगामी बीएमसी चुनाव को ध्यान में रखकर किया जा रहा है और हम इसका प्रतिकार करेंगे।”
इस बयान से यह साफ है कि बीजेपी अब इस मुद्दे को केवल महाराष्ट्र की सीमा तक सीमित नहीं रहने देना चाहती, बल्कि हिंदीभाषी राज्यों में भी राजनीतिक संदेश देने का प्रयास कर रही है, खासकर बिहार और उत्तर प्रदेश के मतदाताओं को यह बताने के लिए कि उनकी अस्मिता और सम्मान के साथ कोई भी समझौता नहीं किया जाएगा।